आजादपुर मंडी में थड़ों की बंदरबांट पर हंगामा


पश्चिमी दिल्ली: आजादपुर मंडी में थड़ों की बंदरबांट पर शुरू हुआ हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंडी के अंदर एपीएमसी (एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स मार्केट कमेटी) से यहां की दो एसोसिएशन आपस में भिड़ गए हैं। इनमें से एक अनिल मल्होत्रा गुट का दावा है कि वह एपीएमसी के खिलाफ लड़ रहे हैं और दूसरा राजेश कुमार गुट पहले गुट का विरोध कर रहा है। एपीएमसी इस मामले में अभी तक मौन धारण किए हुए है। पंजाब केसरी ने इस बाबत दो दिन पहले ‘टमाटर क्यों हो रहा है लाल’ नाम के शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। सूत्रों की मानें तो मंडी में चल रहे इस घोटाले से ध्यान हटाने के लिए मंडी प्रशासन की ओर से प्याज महंगी होने की खबर प्लांट करा दी गई।

आजादपुर मंडी सूत्रों की मानें तो सोमवार को अनिल मल्होत्रा गुट ने मंडी के अंदर हड़ताल का आह्वान किया है। यानी सोमवार को मंडी के अंदर पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया जाएगा। जिस वजह से मंडी में फल और सब्जियों की आवक कम होगी। अगर मंडी में चक्का जाम होता है तो अगले दो-तीन दिनों तक दिल्ली के अंदर टमाटर समेत सभी सब्जियों के दाम आसमान छू सकते हैं। इसमें सबसे ज्यादा आंख तो टमाटर ही दिखाएगा, लेकिन आजादपुर मंडी में काम कर रहे राजेश गुट समेत यहां की कई एसोसिएशनों (चैंबर ऑफ यूथ एसोसिएशन, द ग्रीन जिंजर ट्रेडर्स एसोसिएशन, टमाटर ट्रेडर्स एसोसिएशन पोमा, जनरल फ्रूट्स एंड वेजिटेबल एसोसिएशन, लेमन ट्रेडर्स एसोसिएशन, जनरल टमाटर एसोसिएशन, द ग्रीन वेजिटेबल्स एंड मटर ट्रेडर्स एसोसिएशन, एवर ग्रीन खीरा एंड वेजिटेबल ट्रेडर्स एसोसिएशन) ने सोमवार को होने वाली हड़ताल का विरोध करना शुरू कर दिया है। इस हिसाब से मंडी के अंदर अनिल मल्होत्रा गुट अब अकेला पड़ गया है। एपीएमसी के समर्थन में सभी एसोसिएशनों के जाने से सोमवार को हड़ताल का असर दिखाई नहीं देने वाला है। शनिवार को भी जिस वक्त अनिल मल्होत्रा गुट ने हड़ताल का ऐलान किया उसी वक्त बाकी एसोसिएशनों ने सोमवार को मंडी में आम दिनों की तरह कामकाज किए जाने का ऐलान कर दिया।

मंडी की बाकी एसोसिएशनों के नेताओं का दावा है कि अनिल मल्होत्रा गुट ने मंडी में थड़ों के अलॉटमेंट में भारी घोटाला किया हुआ है, जिस वजह से वह एपीएमसी को अपनी ताकत दिखाकर डराना चाहते हैं ताकि उसकी करतूत सामने न आ पाए। अनिल मल्होत्रा का कहना है कि हड़ताल में जो साथ आना चाहेगा वह दुकान बंद करेगा और जो नहीं शामिल होना चाहेगा हम उस पर दवाब नहीं डालेंगे। उधर एपीएमसी चेयरपर्सन साक्षी मित्तल का कहना है कि हम दोनों ही पक्षों से बात कर रहे हैं, ताकि मंडी में होने वाली हड़ताल को रोका जा सके।

– कुमार गजेन्द्र