एसडीएमसी में नालों पर घमासान


पश्चिमी दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) में पक्ष व विपक्ष के पार्षदों के बीच नाले व नालियों की सफाई न होने के मुद्दे पर जमकर बहस हुई। सत्तापक्ष के पार्षदों ने जहां दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग पर नाले न साफ करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर विपक्ष के आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने गली-मोहल्ले के नालियों की सफाई में भारी अनियमिता तथा सड़कों पर पड़े कूड़े को न हटाने के मामले को लकर सत्तापक्ष भाजपा को घेरने की कोशिश की। सदन में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक अमानुतुल्ला खान ने कहा कि नाले व नालियों की सफाई करना दिल्ली के हित के लिए है। उन्होंने कहा कि नाले व नालियों की सफाई के मामले में पीडब्ल्यूडी या एमसीडी जो भी दोषी है, उनकी जिम्मेदारी तय की जाए।

उन्होंने कहा कि इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। सदन में इस विशेष चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए नाले व नालियों की सफाई के लिए विशेष कदम उठाया जाए। बुधवार को आयोजित इस सदन की बैठक में महपौर कमलजीत सहरावत ने नाले व नालियों की सफाई और जलजमाव पर चर्चा शुरू करवाई तो तमाम पार्षद अपने-अपने इलाके में नाले व नालियों की बदतर हालत को लेकर इस मामले में विशेष ध्यान देने की मांग की। बैठक में भाजपा पार्षदों ने दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग को पूरी तरह से निकम्मा करार देते हुए कहा है कि इस विभाग को 60 फुट से ज्यादा चौड़ी सड़क सौंप दिया गया, लेकिन न तो सड़क की हालत ठीक है और न सड़क के किनारे बने नालों का।

नालों की सफाई न होने के कारण नालियों का पानी कालोनी मेें बैक मार रहा है, जिससे कालोनी में गंदा पानी जमा हुआ है। भाजपा पार्षद सतपाल मलिक, आर.एस. गहलोत, पूनम भाटी तथा शिखा राय सहित अन्य पार्षदों ने सड़कों पर जलजमाव व गंदगी फैलने के लिए पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस के अभिषेक दत्त ने कहा कि दिल्ली सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए पीडब्ल्यूडी सचिव पर जिम्मेदारी डालते हुए उन्हें हटाना चाहती है।