‘शरीर में चिप लगाए जाने की आशंका’


नई दिल्ली: बीते चार साल से दिल्ली में रह रहे पाकिस्तान के एक एक्टिविस्ट ने देश में रहने के दौरान शरीर में माइक्रो चिप लगाने की आशंका जताई है। हालांकि यह स्पष्ट तौर पर नहीं बता पा रहे कि यह चिप किसने और कब लगाया। लेकिन अब वह इसे निकालने के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगा रहे हैं।

क्या है मामला…
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रह कर मानवाधिकार के लिए काम करने वाले एक दंपति जुल्फिकार और फातिमा का कहना है कि उनके कार्यों से परेशान हो कर वर्ष 2012 में आईएसइआई ने उन्हें देश छोडऩे को मजबूर किया। जिसके बाद वे नेपाल चले गए। वहां उन्हें पानी में मिलाकर जहर दे दिया गया। जिसके इलाज के लिए वे फरवरी 2013 में भारत आए। यहां उनके इलाज के दौरान भी पाकिस्तान ने रोड़ा अटकाया और उन्हें पाकिस्तान वापस भेजने की मांग की। इसके खिलाफ दंपति ने जंतर-मंतर पर करीब नौ महीने तक धरना दिया। दोनों का कहना है कि धरने के दौरान ही एक सुबह जब वे जगे तो उन्होंने पाया कि उनके ऊपर के कपड़े उतारे गए हैं।

एक भारतीय अधिकारी ने उन्हें बताया कि उनके शरीर में माइक्रो चिप लगाया गया है। इसके कुछ समय के बाद वर्ष 2015 में अमेरिकी एंबेसी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि भी कर दी। इसके बाद से दोनों को परेशानियां शुरू हो गई। इस परेशानी के इलाज के लिए उन्होंने कई चिकित्सकों का दरवाजा खटखटाया, मगर कामयाबी नहीं मिल सकी। जिसके बाद उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से इस चिप को शरीर से निकालने की गुहार भी लगाई। मगर अभी तक इस पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।