दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा


नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू (एच1एन1 वायरस) के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है। स्वाइन फ्लू के चलते दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक महीने में 6 मौतें हो चुकी हैं। इसमें चार दिल्ली में एक फरीदाबाद और एक गाजियाबाद में बताया जा रहा है। इसके अलावा नोएडा में 20 मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि भी की गई है। गाजियाबाद में भी 16 मरीजों के स्वाइन फ्लू की चपेट में होने की पुष्टि हुई है। फरीदाबाद-गुरुग्राम में भी स्वाइन फ्लू के दो दर्जन से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के लिए वैक्सीन टैमी फ्लू की कमी सामने आई है।

इस मसले पर डॉक्टरों का कहना है कि इस बरसात के मौसम में डेंगू से ज्यादा स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। अभी पिछले दिनों ही डेंगू से दो लोगों की मौत की खबर भी सामने आई थी। अब स्वाइन फ्लू का दिल्ली-एनसीआर में फैलना खतरनाक माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इसका एक मात्र इलाज टैमी फ्लू वैक्सीन ही है। डॉक्टर तो टैमी फ्लू की कमी को नकार रहे हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। दिल्ली-एनसीआर के कई अस्पतालों में टैली-फ्लू वैक्सीन के लिए मरीजों को लौटाया जा रहा है। या फिर मरीजों के परिजनों पर दबाव बना कर दूसरे अस्पतालों से मंगाया जा रहा है।

यही नहीं स्वाइन फ्लू के फैलने से लैबोरेटरी वाले चांदी कांटने में लगे हैं। कई लैबोरेटरी में बकायदा स्वाइन फ्लू की जांच के लिए रेट लिस्ट तक टांग दिए हैं। यहां यह बता दें कि पिछले साल दिल्ली सरकार ने स्वाइन फ्लू के जांच व इलाज की कीमत का निर्धारण कर दिया था। लेकिन इस साल अभी तक किसी भी राज्य सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। जबकि मौतों का आंकड़ा बढऩे के संकेत कई डॉक्टर दे चुके हैं। न ही सरकार ने अभी तक स्वाइन फ्लू को लेकर कोई हेल्पलाइन नम्बर भी जारी नहीं किया है।