लाजपत नगर सीवर मौत मामले में जल बोर्ड कर्मियों से पूछताछ


दक्षिणी दिल्ली: लाजपत नगर में सीवर की सफाई के दौरान हुई तीन मजूदरों की मौत मामले में पुलिस ने सोमवार को दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों से कई घंटे पूछताछ की। इस संबंध में लाजपत नगर पुलिस पहले ही से मामला दर्ज कर चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुतातिक सोमवार की सुबह दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों को बुलाकर तीन मजूदरों की मौत मामले में लंबी पूछताछ की। इस दौरान लाजपत नगर थाने में जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन कई घंटे मौजूद रहे और उनकी देखरेख में पूछताछ की गई। पूछताछ के लिए दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधीक्षण अभियंता (एक्स. ईएन), सहायक अभियंता (एई)और कनिष्ठ अभियंता (जेई) को बुलाया गया।

इस दौरान पुलिस ने उनसे यह जानकारी ली कि आखिर किस अधिकारी के कहने पर मजदूरों को सीवर में उतारा गया। इसके अलावा मजूदरों को उतारने से सुरक्षा के तय मानकों को पूरा क्यों नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि सीवर की सफाई के लिए तकनीक का इस्तेमाल न कर कर्मचारियों की जान की परवाह किए बगैर उन्हें सीवर में उतार दिया गया। वहीं सोमवार को नेशनल सफाई कर्मचारी आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने लाजपत नगर में घटनास्थल का दौरा कर हालात की जानकारी ली। इस अवसर पर दक्षिण-पूर्वी जिले के डीएम बी. एस. जागलान भी उपस्थित रहे। संभावना है कि मंगलवार को एससी/एसटी आयोग के पदाधिकारी भी मौके पर जाएंगे। सूत्रों की मानें तो जल बोर्ड के अधिकारी संबंधित मामले में किसी भी प्रकार ठेका दिए जाने की बात से इंकार कर रहे हैं। इस मामले में आरोपी ठेकेदार दिनेश अभी फरार बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि गत रविवार को लाजपत नगर में सीवर की सफाई के दौरान खिचड़ीपुर निवासी जोगिंदर, दुर्गा पार्क दल्लूपुरा, कोंडली निवासी अन्नू और कल्याणपुरी निवासी मोनू की मौत हो गई थी, जबकि उनका चौथा साथी राकेश उपचार के लिए एम्स के ट्रामा सेंटर ले जाया गया था। इस संबंध में लाजपत नगर पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। मृतक जोगिंदर के भाई अजय का आरोप है कि मजदूरों को बिना उपकरण मौत के मुंह में डाल दिया जाता है। उनकी मांग है कि दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।