सेना की आलोचना करना ठीक नहीं: धर्मेन्द्र  प्रधान


बास्को (गोवा): भारतीय तटरक्षक का बेड़ा और मजबूत हो गया। शनिवार को उनके बेड़े में ‘शौर्य’ पोत को शामिल कर दिया गया। यह पोत अब पणजी से चेन्नई के लिए रवाना होगा और चेन्नई से लगे सीमाओं की सुरक्षा करेगा। शौर्य पोत 105 मीटर लम्बा है, जोकि हाइटेक उपकरणों से लैस है। इस पोत को उच्च तकनीक के हथियारों से लैस किया गया है। शनिवार को गोवा के पणजी में इस पोत का विधिवत उद्घाटन केन्द्रीय पेट्रोलियम एंव प्राकृतिक गैस मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान ने किया। इस मौके पर भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक (डीजी) राजेन्द्र सिंह भी मौजूद थे।

इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सेना के आलोचकों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि शायद भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां उसकी सेना को इतनी आलोचना का सामना करना पड़ता है। प्रधान ने कहा कि पहले सिर्फ राजनीतिगयों की आलोचना की जाती थी, लेकिन यह रूझान अब हमारी सुरक्षा एजेंसियों और सैनिकों तक आ गया जो कठिन स्थितियों में काम करते हैं। ऐसे लोग सेना की अनुचित आलोचना करते हैं जो उनकी कुर्बानियों से वाकिफ नहीं हैं। जो भारतीय सेना की आलोचना करते हैं वह उनकी क्षमता नहीं जानते हैं। वे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालते हैं ताकि हम अपने घर में शांति से सो सकें। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान वास्को के निकट भारतीय तटरक्षक बल के पोत शौर्य के जलावतरन कमिशनिंग के बाद बोल रहे थे। प्रधान ने कहा, भारत एक लोकतांत्रिक देश है।

पहले, सिर्फ राजनीतिग ही आलोचना का सामना करते थे। अब थलसेना, नौसेना, तटरक्षक और बीएसएफ तक आलोचना का सामना करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज हम सेना को समझ नहीं पा रहे हैं और सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। हमें उन्हें सम्मान देना चाहिए, जिसके वह हकदार हैं। बाद में ‘पंजाब केसरी’ से बातचीत करते हुए धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने गोवा शिपयार्ड से कहा है कि वह पीएनजी-एलएनजी से चलने वाले पोत भी तैयार करें। अगर ऐसा होता है कि यह इस क्षेत्र में बड़ी क्रांति होगी। इस मौके पर भारतीय तटरक्षक के डीजी राजेन्द्र सिंह ने कहा शौर्य पोत अब तक सबसे बड़ा जहाज है। इसका डिजाइन व निर्माण गोवा शिपयार्ड लि. ने किया है। यह पोत बिल्कुल स्वदेशी है। यह पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडियाÓ की परिकल्पना को साकार करता है। गोवा शिपयार्ड लि. ने केवल देश के लिए ही नहीं बल्कि मॉरीशस, श्रीलंका और बंगलादेश के लिए भी पोत तैयार कर चुका है।

– सतेन्द्र त्रिपाठी