जेएनयू VC ने की मांग, कहा विश्वविद्यालय में लगाए आर्मी टैंक


जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार को 18वें कारगिल विजय दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सेना को सम्मान देने के लिए कुलपति एम. जगदीश कुमार ने केंद्र के आगे एक मांग रखी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह से मांग की है कि वे विश्वविद्यालय को सेना का एक टैंक दिलवाने में मदद करें। ताकि वह छात्रों को सेना के बलिदानों की याद दिलाता रहे।

बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब जेएनयू में कारगिल विजय दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर रविवार को तिरंगा मार्च निकाला गया और देश के लिए शहीद हुए जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मार्च का आयोजन विश्वविद्यालय प्रशासन और ‘वेट्रंस इंडिया’ ने किया था।

जेएनयू के मेन गेट से शुरू हुए तिरंगा मार्च में दो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनरल वी के सिंह, ‘वेट्रंस इंडिया’ के मेंटर मेजर जनरल जी डी बख्शी और क्रिकेटर गौतम गंभीर भी शामिल हुए। जेएनयू के मेन गेट से करीब 2200 फुट लंबे तिरंगे को लेकर करीब 2 किलोमीटर तक मार्च किया गया। मार्च में 23 शहीदों के परिजनों ने भी भाग लिया।

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कार्यक्रम के दौरान धमेंद्र प्रधान ने कहा कि जेएनयू में सैनिकों का सम्मान पूरे देश के सामने एक उदाहरण है। वहीं वाइस चांसलर एम जगदीश कुमार ने कहा कि ये कार्यक्रम सभी देशवासियों के लिए गर्व की बात है। देश के पूर्व सेनाध्यक्ष और विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने भारतीय सेना के साथ अपने अनुभवों को साझा किया।

प्रधान ने कहा, “जेएनयू ने भारतीय सैनिकों का सम्मान कर पूरे देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मैं जेएनयू के कुलपति को इस कार्यक्रम के आयोजन पर ढेर सारी बधाई देता हूं। ये कार्यक्रम ऐतिहासिक था और सभी भारतीयों के लिए गर्व का विषय भी है।”

कार्यक्रम में शामिल क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कहा, “क्रिकेटर या बॉलीवुड अभिनेता नहीं बल्कि सीमा पर तैनात जवान असली हीरो हैं। जेएनयू में होने के नाते मुझे वो वक्त याद आता है जब यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर काफी बातें हो रही थीं।” उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अच्छी चीज है लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिनसे समझौता नहीं किया जा सकता. तिरंगे का मान-सम्मान उनमें से एक है।”