एलएनजेपी होगा दिल्ली का सबसे ऊंचा अस्पताल


नई दिल्ली: दिल्ली सरकार का सबसे बड़ा अस्पताल लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अब और भी बड़ा होने जा रहा है। एक तरफ जहां इसके बिस्तरों की संख्या लगभग दोगुणी होने जा रही है। वहीं दिल्ली के सबसे ऊंचे अस्पताल का तमगा भी इसके नाम जुडऩे वाला है। क्योंकि जल्द ही अस्पताल के विस्तार की प्रक्रिया के तहत 22 मंजिला इमारत बनाने का काम शुरू होने वाला है। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. जेसी पासी की मानें तो अस्पताल में नए और सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनर्ड ओपीडी के शुरू हो जाने के बाद पुराने और जर्जर हो चुके दो मंजिला ओपीडी जो कि वर्तमान में मौजूद इमरजेंसी के बगल में हुआ करता था, जिसको गिरा दिया गया था। इसी के खाली पड़े स्थान पर एक 22 मंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव है। जिसमें मैटरनिटी सेंटर, एडवांस पेडियाट्रिक्स सेंटर और जनरल मेडिसिन वार्ड होगा।

बच्चें से संबंधित सुविधा होगी मौजूद
डॉ. पासी की मानें तो इस इमारत में बनने वाला एडवांस पेडियाट्रिक्स सेंटर कई मायनों में खास होगा। इसमें पेडियाट्रिक मेडिसिन और पेडियाट्रिक्स सर्जरी दोनों ही विभाग होंगे। साथ ही चौथे और पांचवें तल पर बच्चों के लिए खास आईसीयू (एनआईसीयू और पीआईसीयू) होगी। डॉ. पासी का दावा है कि इस इमारत में आने के बाद बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी मसलन बच्चों का कैंसर, बच्चों का डायबिटीज, यूरोलॉजी, इंडोस्कोपी प्रोसीजर और जन्मजात बीमारियां आदी के इलाज के लिए मरीज को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

जीआईआर-एचआर की थ्री स्टार रेटिंग…
3380 वर्ग मीटर में बनने वाली यह इमारत जीआईआर-एचआर की थ्री स्टार रेटिंग वाला ग्रीन बिल्डिंग होगी। जो सेंट्रली एअर कंडीशन और भूकंपरोधी होने के साथ ही स्टेट ऑफ आर्ट का नमूना भी होगी। इसके दो मंजिल के बेसमेंट में करीब 1130 कारों की क्षमता वाली पार्किंग भी होगी। इसकी ग्राउंड कवरेज 97 प्रतिशत और एफआरए 120 प्रतिशत होगी। इसके लिए करीब 579 करोड़ रुपए के खर्च का प्रस्ताव है। इसका निर्माण मंजूरी मिलने के 18 महीने में पूरा करना होगा। हालांकि इसे अभी अंतिम मंजूरी मिलनी शेष है।

बिस्तर स्टाफ भी बढ़ेंगे…
आमतौर पर अस्पतालों में सुविधा बढ़ाने के नाम पर केवल विभाग और बिस्तर ही बढ़ा दिए जाते हैं। लेकिन उन्हें चलाने वाले स्टाफ की संख्या में बढ़ोतरी नहीं करने पर सुविधा का फायदा लोगों तक नहीं पहुंच पाता। इसलिए यहां विभाग और बिस्तर के साथ ही इसको चलाने वाले स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कितने स्टाफ की नियुक्ति करनी पड़ेगी इसका आंकलन इमारत बनने के बाद किया जाएगा।

कहां क्या होगा
अब तक की योजना के अनुसार इमारत के ग्राउंड फ््लोर पर इमरजेंसी, कैफेटेरिया और हेल्थ सेंटर होगा। पहले और दूसरे मंजिल पर लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर होगा। तीसरे मंजिल पर केवल ऑपरेशन थिएटर होगा, तो चौथे और पांचवें तल पर ओटी के साथ एनआईसीयू और पीआईसीयू होगा। छठा मंजिल सर्विस फ्लोर होगा तो सातवां मंजिल कॉमन यूटिलिटी के लिए होगा। आठवें से ग्यारहवें मंजिल पर आईसीयू होगा। वहीं 12वें से 20वीं मंजिल तक वार्ड होंगे। 21 और 22 वें मंजिल पर चिकित्सा अधिक्षक के ऑफिस और लेक्चर हॉल के साथ ही अस्पताल प्रबंधन का कार्यालय भी होगा।

– विकास कुमार