17 जुलाई से अस्पतालों पर लग सकते हैं ताले


नई दिल्ली: आगामी 17 जुलाई से दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर की स्वास्थ व्यवस्था चरमरा सकती है। सभी सरकारी अस्पतालों पर ताले लग सकते हैं। क्योंकि नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए)को मूल वेतन से हटाने से नाराज डॉक्टरों ने 17 जुलाई से सामूहिक हड़ताल पर जाने की बात कही है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पंकज सोलंकी ने बताया कि अब तक एनपीए को मूल वेतन का हिस्सा ही मान कर वेतन की गणना होती थी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी किए थे। वहीं वर्ष 2001 में जावेद चौधरी कमेटी ने एनपीए को 30 प्रतिशत करने का सुझाव दिया था।

लेकिन इन सभी को दरकिनार कर सातवें वेतन आयोग में न सिर्फ एनपीए को पहले से भी पांच प्रतिशत कम कर दिया गया, बल्कि इसे मूल वेतन से हटाकर भत्ते में शामिल कर लिया गया। यह न सिर्फ डॉक्टरों के साथ नाइंसाफी है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना भी है। डॉ. पंकज के अनुसार इस बाबत शुक्रवार को आरएमएल अस्पताल में फोर्डा, डीएसडीए, जेएसीएसडीओ, डीएमए और डॉक्टरों की अन्य संस्थाओं ने मीटिंग की। जिसमें यह फैसला हुआ कि सरकार के इस कदम पर विरोध जताने के लिए सभी सरकारी डॉक्टर 17 जुलाई से सामूहिक हड़ताल पर जाएंगे।