दिल्ली विधानसभा में भी गूंजा वर्णिका मामला


नई दिल्ली: चंडीगढ़ की वर्णिका कुंडू को लेकर मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भाजपा को घेरते हुए कुंडू मामले पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, लेकिन विपक्ष के विधायकों ने लाजपत नगर में मारे गए मजदूरों पर चर्चा की मांग रखी। हालांकि, अध्यक्ष ने विपक्ष के मुद्दे पर शोक प्रस्ताव पास कर चर्चा से मना कर दिया। इस पर विपक्ष के विधायक सदन के बीच में आकर नारे बाजी करने लगे। इसे देख सत्ता पक्ष के विधायक भी सदन के बीच में आकर भाजपा विधायकों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विरोध को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने पहले 15 मिनट के लिए और फिर 30 मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया। हालांकि, इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ बढ़ते विरोध को देखते हुए अध्यक्ष ने मार्शल बुलाकर विपक्ष के विधायकों को बाहर करवा दिया।

नेता विपक्ष गुप्ता के खिलाफ अवमानना प्रस्ताव पास
दिल्ली विधानसभा का पहला दिन जबर्दस्त हंगामेदार रहा। मानसून सत्र के पहले ही दिन नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ अवमानना प्रस्ताव पास किया गया। सत्ता पक्ष की ओर से इस मामले पर लाए गए प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष ने जांच के लिए विशेषाधिकार कमेटी के पास भेज दिया है। कमेटी विजेंद्र गुप्ता को तलब कर मामले की जांच करेगी और दोषी पाए जाने पर कमेटी कार्रवाई की सिफारिश भी कर सकती है। आप विधायकों का आरोप था कि विजेंद्र गुप्ता ने मीडिया से कहा था कि दिल्ली विधानसभा विधानसभा की कमेटियां असंवैधानिक तरीके से बनाई गई हैं, इसलिए इन्हें भंग कर देना चाहिए।

उन्होंने इस बारे में भारत सरकार के सालीसिटर जनरल संजय जैन की एलजी को दी गई राय का भी जिक्र किया। इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा की गई। इस चर्चा में विधानसभा के सदस्य सौरभ भारद्वाज, विशेष रवि, ऋतुराज गोविंद व राजेश गुप्ता आदि ने अपने विचार रखे। इन सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नेता प्रतिपक्ष का पद वापस लिए जाने की भी मांग की गई। दिल्ली विस की विशेषाधिकार कमेटी के अध्यक्ष मदनलाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कमेटियों को किस आधार पर भंग करने की बात कर रहे हैं।

देश का अपमान कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष: सिसोदिया
चर्चा के जवाब में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि यदि सरकार कामकाज का ब्यौरा भी नहीं ले सकती है तो इस विधानसभा का गठन क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में देख लीजिए कि एक छोटी सी आरडब्ल्यूए भी बनती है तो उसे अधिकार दिए जाते हैं। मगर इन भाजपा वालों को विधानसभा की कमेटियों से पता नहीं क्या परेशानी है। सिसोदिया ने कहा कि विधानसभा की कमेटियां लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए काम करती हैं। इन कमेटियों ने लोक निर्माण विभाग के नालों की सफाई के कार्य का निरीक्षण किया। डेंगू चिकनगुनिया के बचाव के लिए लगाए गए विज्ञापनों को ठीक तरह से कमेटियों ने लगवाया। सिसोदिया ने कहा कि यदि काई इन्हें भंग करने की बात कहता है तो यह सदन का ही अपमान नहीं, बल्कि देश का अपमान है।

दलित विरोधी है आम आदमी पार्टी : गुप्ता
विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आज विधानसभा के सत्र में लाजपत नगर इलाके में रविवार को सीवर की सफाई के लिए उतरे तीन मजदूरों की मौत के दु:खद हादसे को जिस प्रकार आम आदमी पार्टी सरकार ने हलके में लिया उससे सिद्ध हो जाता है कि सरकार दलित विरोधी है। साथ ही इससे यह भी सिद्ध हो जाता है कि वह हर मूल्य पर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि चंडीगढ़ निवासी वर्णिका कुंडू का मामला सचिव द्वारा जारी कार्यसूची में सबसे अंत में रखा गया था। यह अल्पकालिक चर्चा का सबसे अंतिम पांचवा विषय था। परन्तु विपक्ष के नेता के दलित मजदूरों के लिए लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर से ध्यान हटाने के लिए उन्होंने वर्णिका के मामले को अचानक सबसे पहले चर्चा के लिए ले लिया। यह सदन के नियमों का उल्लंघन ही नहीं अपितु दलितों के अधिकारों का हनन भी है।