दिल्ली के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान-2041


पश्चिमी दिल्ली: उपराज्यपाल अनिल बैजल के नेतृत्व में गुरुवार को हुई डीडीए अथारिटी की बैठक में मास्टर प्लान-2041 को तैयार  करने के प्रस्ताव  पर चर्चा की गई तथा उसपर अमल करने के लिए रूपरेखा को पारित किया गया। इसके अलावा इस बैठक में डीडीए के अध्यक्ष एवं उपराज्यपाल श्री बैजल ने अन्य कई प्ररियोजनाओं को हरी झंडी दी। उपराज्यपाल की अध्यक्षता व उपाध्यक्ष उदयप्रताप सिंह सहित उच्च अधिकारियों व डीडीए सदस्यों की उपस्थिति में हुई इस मुख्य अथारिटी बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि डीडीए  ने एक सक्षम रणनीतिक योजना के रूप में दिल्ली मास्टर प्लाल यानी कि मुख्य योजना 2041 तथा अन्य संबंधित योजनाएं जो 2041 तक दिल्ली के नियोजन एवं विकास का दिशा निर्देशन संरचनाएं होंगी को तैयार करने के लिए राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एन.आई.यू.ए.) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस कार्य से योजना प्रक्रिया का पुन: मूल्यांकन करने का अवसर मिलेगा और यह दिल्ली शहर की वास्तविकताओं में सुधार और उसके प्रतिक्रिया दोनों को सक्षम बनाएगी। इसे भूमि उपयोग पर आधारित पारंपरिक मुख्य योजनाओं के बजाए मुख्य रूप से एक कार्यनीतिक दृष्टिकोण अपनाकर प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार का दृष्टिकोण मुख्य योजना की अवधि के संरचनागत अंतर को मुख्य रूप से समाप्त करते हुए पुन: विकास के चरणबद्ध विकास को सुगम बनाने में सहायक होगा। यह प्रस्ताव दिल्ली मास्टर प्लान  2041 के विजन के प्रारूप के लिए सभी नगर एजेंसियों, व्यवसायों, सिविल सोसायटी संगठनों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों के संबंध में स्टेकहोल्डर्स से परामर्श करके एक कार्यनीति नियोजन दृष्टिकोण (जैसा कि राष्ट्रीय स्मार्ट सिटी मिशन में देखा गया) प्रस्तावित करता है।

यह योजना नीतिगत, पूंजीगत निवेश, विधिक ढांचा, नागरिक परामर्श और डेटा आधारित योजना के उपयोग के माध्यम से पुन: विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए एक सक्षम वातावरण प्रदान करने हेतु अभिप्रेत होगी । यह विभिन्न क्षेत्रीय योजना सिद्धांतों, अनुशंसित हस्तक्षेपों और क्षेत्र के भीतर अभिप्रेत प्रभाव के लिए संरचनात्मक ढांचा प्रदान करेगी। इन क्षेत्रों में पारंपरिक अर्थात आवास, परिवहन, आर्थिक ढांचा, पर्यावरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि तथा संस्कृति, धरोहर, डिजिटल सशक्तिकरण, समावेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, आपदा प्रबंधन आदि दोनों ही शामिल होंगी। इस मास्टर प्लान को  विकसित करने के लिए एन.आई.यू.ए. राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को भी अनुबन्धित करेगी। इसके अलावा बैठक में बताया गया कि शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अंतिम अधिसूचनाएं जारी करने के लिए निम्नलिखित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में पुन: स्थापित टायर मार्किट में आने वाली भूमि के भूमि उपयोग परिवर्तन को अनुमोदित कर दिया गया था।

यातायात को सुगम बनाने एवं रानी झांसी रोड़ पर पदयात्रियों को चलने में सुविधा प्रदान करने और किशनगंज रोड़ अंडर ब्रिज को चौड़ा करने हेतु इस मार्किट को स्थानान्तरित किया गया था। इस नई जगह पर टायर मार्किट व्यापारियों को बेहतर आधारिक संरचना एवं कार्य अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया गया है। सिंगल ब्रांड रिटेल सेक्टर में ‘व्यापार को सरलÓ बनाने के लिए मास्टर प्लान-2021 के विकास नियंत्रणों के अनुसार व्यावसायिक केंद्रों के लिए अधिकतम तल कवरेज को समानुरूप से 50 प्रतिशत बढ़ाया गया है। बैठक में निर्णय लेते हुए बताया गया कि व्यावसायिक केंद्रों की एकीकृत योजनाओं के मामले में, अनुमेय गतिविधियों के लिए प्लॉटों के उप-विभाजन और आमेलन के लिए अनुमति दी गई बशर्ते कि अपेक्षित प्रभारों का भुगतान किया जाए। आवासीय इकाइयों के अतिरिक्त इस उपयोग जोन में अवस्थित स्टेट गेस्ट हाउसों को बनाने के लिए डीडीए  की खाली पड़ी भूमि के  अधिकतम उपयोग करने की स्वीकृति दी गई है।