मेयर @ दिल्ली दरबार


पश्चिमी दिल्ली: मॉनसून की दस्तक के साथ ही नॉर्थ एमसीडी मेयर ने भी दिल्ली सरकार के दरबार में दस्तक दी है। दरअसल, निगम दिल्ली में पीडब्ल्यूडी द्वारा नालों की सफाई न किए जाने जैसे मामलों को लेकर खफा है। लिहाजा इन्हीं मुद्दों की शिकायत, बकाया राशि की मांग व नए वार्डों के अधिसूचना संबंधी फाइल को मंजूरी दिलाने की मांग को लेकर निगम के मेयर समेत आला नेताओं ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और शहरी विकास मंत्री सतेंद्र जैन से दिल्ली सचिवालय में मुलाकात की।

इस दौरान मेयर प्रीति अग्रवाल ने शहरी विकास मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि नॉर्थ एमसीडी के नए सदन का गठन हो चुका है और इस सम्बन्ध में क्षेत्रानुसार वार्डों की अधिसूचना का कार्य लंबित है। जिससे कार्य करने में परेशानियां आ रही हैं। इस पर उन्होंने उनसे जल्द से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विधायी पक्ष के सुचारू कार्य के लिए वैधानिक समितियों का गठन जल्द से जल्द किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर वार्डों की अधिसूचना न होने पर निगम अपने कार्यों को आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं है।

साथ ही निगम के बकाया देय राशि को समय पर दिए जाने और चौथे दिल्ली वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी की। मेयर ने मंत्रियों को विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया जो कि समय पर अनुदान राशि प्राप्त न होने के कारण लागू नहीं हो पा रही है। इन्हें नगर निगम नागरिकों के बेहतरीन शहर के विकास और बेहतर प्रशासन के लिए लागू करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय संकट के कारण हमारे कर्मचारी समय पर वेतन न मिलने व अन्य भत्तो व सुविधाओं में देरी के बावजूद अपने कार्य को गंभीरता से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस वित्तीय संकट की स्थिति से उबरने के लिए राजस्व अर्जित करने की कई योजनाएं बनाई हैं जोकि लागू होने के अंतिम चरण में है।

मेयर ने शहरी विकास मंत्री को जलभराव की स्थिति से भी अवगत कराया। इस संबंध में कहा कि जलभराव की समस्या दिल्ली में अब एक सामान्य घटना बन चुकी है। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पूर्व उन्होंने स्वयं जाकर जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर उनका निरीक्षण किया और पाया कि दिल्ली सरकार के विभाग जैसे लोक निर्माण विभाग व सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा उनके अधीन आने वाले नालों से गाद निकालने का कार्य पूरा नहीं किया गया है। इस बैठक में महापौर के अलावा नेता सदन जयेंद्र डबास व अन्य सदस्य भी शामिल रहे।