मेट्रो: खुद को ठगा महसूस कर रहा है जामिया


दक्षिणी दिल्ली: दिल्ली मेट्रो अपने कार्य करने की शैली और रफ्तार को लेकर अक्सर चर्चा में रहती है। जामिया मिलिया इस्लामिया की ओर से गुजरने वाली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं अगर सूत्रों की मानें तो अक्टूबर माह से इस लाइन पर कालकाजी से बॉटेनिकल गार्डन पर मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा। इस लाइन के शुरू होने से पहले एक विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। जामिया प्रशासन के अनुसार मेट्रो विभाग ने निर्माण के दौरान इस सेक्शन पर जामिया के गेट नंबर सात और आठ पर फुटओवर ब्रिज और नोम चोस्की सेंटर के पास स्काई-वॉक बनाने की बात कही थी। बता दें कि इसे लेकर जामिया प्रशासन ने मेट्रो के अधिकारियों को पत्र भी लिखे थे, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्य होता नजर नहीं आ रहा है।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर मेट्रो प्रशासन ने कहा कि कभी जामिया प्रशासन से स्काई वॉक और फुटओवर ब्रिज के निर्माण के लिए कोई वादा नहीं किया गया था। बता दें कि जामिया कैंपस दो भागों में बंटा हुआ है। कैंपस के बीचो-बीच से सड़क गुजरती है। छात्रों की कई क्लास मैन कैंपस में भी होती हैं। छात्रों को सड़क पार करके दूसरी ओर जाना पड़ता है। जामिया विश्वविद्यालय और जामिया स्कूल में पढऩे वाले छात्रों की मानें तो करीब 20,000 हजार छात्र इस सड़क का उपयोग करते हैं। इसके अलावा रोजाना कई लाख लोग इस सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क का उपयोग नोएडा, ओखला, कालिंदी कुंज और बटला हाउस की ओर जाने वाले लोग करते हैं।

– गणेश पाठक