नीरा यादव को मिली राहत, अब 2 साल की भुगतनी होगी सजा


सुप्रीम कोर्ट ने साल 1993-95 में नोएडा में हुए जमीन आवंटन घोटाले में उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव और पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव कुमार को दोषी पाया है, लेकिन नीरा यादव को मिली तीन साल कैद की सजा को घटाकर दो साल कर दिया। जबिक सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों को तीन-तीन साल की कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी, लेकिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था। इसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट ने भी दोनों की अपील खारिज करते हुए सजा पर मुहर लगा दी थी। हाईकोर्ट से सजा पर मुहर लगने के बाद सुप्रीमकोर्ट में अपील दाखिल की है। लेकिन अब सुप्रीमकोर्ट से भी कोई खास राहत नहीं मिल सकी है।

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गौरतलब है कि नोएडा जमीन आवंटन घोटाला 1995 का है जब वरिष्ठ आइएएस नीरा यादव नोएडा अथारिटी की सीईओ थी और राजीव कुमार डिप्टी सीईओ। दोनों अधिकारियों पर जमीन आवंटन में अनियमितता बरतने और स्वयं तथा अपने परिजनों को लाभ पहुंचाने का आरोप था। राजीव कुमार को आवंटित प्लाट का दो बार दूसरे सैक्टरों में कन्वर्जन किया। इसी तरह नीरा यादव की बेटियों को भूखंड आवंटन में भी अनियमितताएं हुई दोनों बेटियों को आवंटित भूखंड दूसरे सैक्टरों में कन्वर्ट किये गए। इससे पहले, नीरा यादव को सीबीआई अदालत ने एक अन्य भूखंड मामले में 2010 में चार साल की सजा सुनाई थी।