‘नॉट इन माई नेम’ ने भीड़तंत्र का किया विरोध


नई दिल्ली: देशभर में हो रही सांप्रदायिक भीड़तंत्र की घटनाओं को लेकर बुधवार शाम जंतर-मंतर पर ‘नॉट इन माई नेम’ (मेरे नाम पर नहीं) नाम से विशाल प्रदर्शन कर किया गया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में लोग शामिल रहे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि हाल ही में भीड़ द्वारा बल्लभगढ़ के पास चलती ट्रेन में  सांप्रदायिक हत्याकांड में जुनैद नाम के मुस्लिम युवक को मार दिया गया था जिस पर काफी विवाद हुआ था। प्रदर्शन में जुनैद के परिवार वाले तो नहीं आ पाए लेकिन उसके गांव वाले इस प्रदर्शन में शामिल रहे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि वह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस प्रदर्शन का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि भीड़तंत्र का विरोध करना है। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने एक नक्शा तैयार किया जिसमें ऐसी जगहों को चिह्नित किया गया जहां भीड़ द्वारा लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर बांटा जा रहा है। सरेआम हिंदू-मुस्लिम झगड़ रहे हैं लेकिन इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं का जा रही। देश में भारत-पाकिस्तान वाला माहौल बनाया जा रहा है। प्रदर्शन में बॉलीवुड सिंगर रब्बी शेरगिल ने अपने गानों के जरिए ऐसी घटनाओं को रोकने का संदेश दिया।

इसमें छात्रों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक शामिल रहे और ऐसी घटनाओं के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठन ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसान व आर्थिक संकट के मामलों पर जवाब देने से बचने के लिए दंगे भड़का कर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। संगठन ने कहा कि जल्द से जल्द जुनैद की मौत की सीबीआई जांच होनी चाहिए जिससे इसमें लोगों की संलिप्पता के बारे में पता चल सके। छात्रों ने लोगों से सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। संघ व केंद्र पर गैर कानूनी हरकतों को प्रोत्साहित करते हुए ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दिया है।