…अब लुटियन दिल्ली भी नहीं बची प्रदूषण से 


नयी दिल्ली : अब यह धारणा रखना शायद गलत होगा कि हरियाली से घिरा दिल्ली का लुटियंस जोन शहर के अन्य इलाकों के मुकाबले कम प्रदूषित है। एक अध्ययन में लोधी रोड इलाके में बेहद महीन पीएम 1 कणों की मौजूदगी का पता चला है। ये कण ज्यादा महीन और पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों से अधिक हानिकारक है जो दिल्ली की आबोहवा में बहुतायत में मौजूद हैं।

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वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं शोध प्रणाली (सफर) के निगरानी केंद्र ने गर्मी, सर्दी और मानसून के दौरान पीएम 1 की औसत मात्रा क्रमश: 46, 49 और 20 माइक्रोग्राम्स प्रति घन मीटर के करीब दर्ज किया। सफर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि इस आंकड़ें ने अभी तक लोगों का ज्यादा ध्यान नहीं खींचा है क्योंकि पीएम 1 के सुरक्षा मानकों को अभी परिभाषित नहीं किया गया है जिसके कारण इससे पडऩे वाले हानिकारक प्रभावों पर बात नहीं की गई है।

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वर्तमान में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाला सफर ही राष्ट्रीय राजधानी में पीएम । की निगरानी करता है। सीएसई की एयर लैब की प्रमुख अनुमिता राय चौधरी ने कहा, “वैश्विक तौर पर कोई मानक नहीं है लेकिन पीएम 1 को उसके आकार के कारण सभी कणों से ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इसका 1 माइक्रोन या इससे कम का डायमीटर होता है इसलिए यह फेफड़े में गहराई तक घुस सकते हैं और रक्त प्रवाह को बाधित कर सकते है। “

मध्य दिल्ली के इलाके में हवा में किसी भी मुख्य प्रदूषक स्रोत की गैरमौजूदगी और हरियाली होने के बावजूद क्यों इस इलाके की आबोहवा प्रदूषित है?

इसका जवाब शायद यह है कि पीएम 1 वाहनों से निकलने वाला सबसे मुख्य प्रदूषक कण है और लुटियंस के अन्य हिस्सों की तरह लोधी रोड की और उसके आसपास की सड़कों पर वाहनों की भारी आवाजाही रहती है।