अब इंजेक्शन से रुकेगी जनसंख्या


नई दिल्ली: एक अनुमान के मुताबिक 11 जुलाई 2017 तक भारत की जनसंख्या एक अरब 34 करोड़ हो चुकी है, जो विश्व के कुल जनसंख्या 7.5 अरब का 17.86 प्रतिशत है। अगर देश में जनसंख्या वृद्धि दर यही रहा तो आने वाले 2025-30 तक यह बढ़कर एक अरब 65 करोड़ हो जाएगी, जो विश्व में सबसे ज्यादा होगा। तब विश्व की आबादी बढ़ कर आठ अरब 14 करोड़ हो जाएगी। इस पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2012 में लंदन में 60 देशों की बैठक हुई। जिसमें भारत को लक्ष्य दिया गया कि वर्ष 2020 तक देश में गर्भ निरोधकों के लिए 4.8 करोड़ नए उपभोक्ता तैयार किए जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर सरकार ने इंजेक्शन वाले गर्भनिरोधक की शुरुआत की है।

फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनीकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (फॉग्सी) की अध्यक्ष डॉ. रिश्मा ढिल्लो पाई के अनुसार, हाल के दिनों में परिवार नियोजन के स्थाई उपाय के बजाय अस्थाई उपायों का चलन बढ़ा है। मंगलवार को जिस गर्भनिरोधक इंजेक्शन ‘अंतरा’ की शुरुआत की गई है, उसका असर तत्काल होता है और तीन महीने तक रहता है। तीन महीने के बाद और इंजेक्शन लगाकर गर्भनिरोध की अवधि को लम्बे समय तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं देश में जल्द ही परिवार नियोजन के लिए इप्लांट की शुरुआत भी होने वाली है। डॉ. रिश्मा पाई ने बताया कि लक्ष्य के मुताबिक गर्भ निरोधकों के इस्तेमाल करने से देश में हर साल करीब 42 हजार माओं और दस लाख नवजातों की मौतों को रोका जा सकेगा।

इस मौके पर फॉग्सी के नेतृत्व में 242 सोसाइटी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के साथ मिल कर गर्भ निरोध की नई तकनीकों की जागरूकता फैलाएंगे। इसके तहत लोगों को चार बिंदुओं पर अमल करने को प्रेरित किया जाएगा। पहला बच्चा शादी के दो साल बाद, दूसरा बच्चा पहले के तीन साल बाद, इंजेक्शन वाले गर्भ निरोधक का इस्तेमाल और परिवार नियोजन में पुरुषों को शामिल करना शामिल होगा।