‘लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पार्टी भाजपा’


नई दिल्ली: अगर लोकतंत्र को मजबूती देनी है तो देश को इसी के माध्यम से आगे बढ़ाना जरूरी है। लेकिन यह तभी संभव है जब देश की राजनीतिक पार्टियों का लोकतंत्र मजबूत होगा। उक्त बातें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कही। शाह दिल्ली में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। शाह ने कहा, आज जिस पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र समाप्त हो गया है वह पार्टी कभी देश के लोकतंत्र को मजबूत नहीं कर सकती है। इन पार्टियों का आंतरिक मूल्यांकन करना पड़ेगा। इस देश मेें 1650 से ज्यादा पार्टियां हैं। दो ही पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र बचा है। एक भाजपा और दूसरा कम्यूनिस्ट पार्टी। बाकि सारे दलों ने अपनी पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र खत्म कर दिया है। सारे दल राजघरानेशाही से घिरे हुए हैं।

कुछ पार्टियां एक परिवार की तो कुछ जाति की पार्टी बन चुके हंै। शाह ने कहा कि मैं भाजपा का अध्यक्ष होने के नाते यह बात नहीं कह रहा हूं। बहुत ही तुलनात्मक अध्यन करने के बाद मैं यह बात कह रहा हूं। उन्होंने कहा, कोई नहीं बता सकता कि मेरे बाद भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा। लेकिन मैं अगर पूछू कि कांग्रेस में सोनिया गांधी के बाद अगल अध्यक्ष कौन बनेगा? तो यह सभी बता सकते है। यही बात है जो साबित करती है कि भाजपा में लोकतंत्र जीवित है। उन्होंने कहा कि अमित शाह एक बूथ का अध्यक्ष हुआ करता था, कोई राजनीतिक बैकग्राउंड न होने और सुपारी जैसी छोटी जाति से होने के बावजूद भी पोस्टर लगाते, नारे लगाते, जुलूस में डंडा खाते-खाते आज में विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। यह यही साबित करता है कि भाजपा के अंदर लोकतंत्र जीवित है। हमारे नेता नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री होना भी बताता है कि कैसे एक चायवाला भी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है।

स्वतंत्रता के पश्चात देश ने चार प्रकार की सरकारें देखी हैं। कांग्रेस की, कम्युनिस्टों की, स्थानीय दलों की और भाजपा की। इन्हीं दलों ने लम्बे समय तक देश या राज्यों में शासन किया है। किस तरह कांग्रेस एवं स्थानीय दलों के कुशासन ने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों को तो कम्युनिस्टों एवं तृणमूल ने बंगाल एवं बिहार को बीमारू राज्य बनाया है, यह जनता ने देखा है। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में लम्बे भाजपा शासन ने विकास किया है वह सबके सामने है। हमने राजस्थान को बीमारू राज्यों की श्रेणी से बाहर निकाला है और अगले 4 वर्ष में उत्तर प्रदेश को भी निकालेंगे।