प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन में 500 से ज्यादा पाइप छोड़ कर जाएंगे


देश के नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बन गए है और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति कार्यकाल खत्म हो चुका है। लेकिन राष्ट्रपति भवन में उनकी यादें हमेशा रहेंगी।

विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी हस्तियों द्वारा तोहफे में प्रणब दा को 500 से ज्यादा पाइप मिली थीं और उन्होंने यह पूरा संग्रह राष्ट्रपति भवन संग्रहालय को दान दे दिया। घोषाल कहते हैं कि उनका पहला पाइप उन्हें असम के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता देबकांत बरूआ ने दिया था।

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पत्रकार और राष्ट्रपति के लंबे समय से मित्र रहे जयंत घोषाल 1985 से उन्हें जानते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से जब उनसे धूम्रपान छोड़ने के लिये कहा गया, तो उसके बाद से वह धूम्रपान भले ही न करें लेकिन बिना किसी निकोटिन के अपने मुंह में पाइप रखते थे, और उसे चबाते रहते थे ताकि उसे महसूस कर सकें। राष्ट्रपति भवन में वह 500 से ज्यादा पाइप छोड़ कर जाएंगे।

उधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल ने लंबे समय तक अपने सहयोगी रहे मुखर्जी को एक ऐसा शख्स बताया है जो देश की राजनीति और अर्थशास्त्र को श्रेष्ठ संभव तरीके से जानता है।

उन्होंने कहा, वह संसद में सबसे वरिष्ठ सदस्यों में से एक रहे और यह बेहद अच्छी तरह जानते थे कि किस तरीके से एक मंत्री को आचरण करना चाहिये। वह जानते थे कि बिना सरकार के लिये परेशानी खड़ी किये संविधान की सुरक्षा कैसे करनी है।