डीयू छात्रसंघ चुनाव में गठबंधन की तैयारी


पश्चिमी दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (डूसू) चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी छात्र संगठनों ने इसके लिए कमर कस ली है। इस बार के चुनाव में कौन-कौन से राजनीतिक दलों की छात्र इकाई हिस्सा लेगी, यह तो चुनाव के एक-दो दिन पहले ही अच्छी तरह से साफ हो पाएगा लेकिन बड़े छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआई तो चुनाव में अपनी किस्मत जरूर आजमाएगी। इस बार के चुनाव में जेडीयू की छात्र इकाई ‘छात्र जेडीयू’ भी हिस्सा ले सकती है। अब वह अपने राजनीतिक दल की तरह एबीवीपी से गठबंधन करेगी या सभी सेंट्रल पेनल पर चुनाव लड़ेगी। ऐसा अगर होता है तो यह डीयू के इतिहास में पहली बार होगा, जब कोई दो संगठन गठबंधन कर चुनावा लड़ेगी। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। बिहार में गठबंधन सरकार को लीड कर रही जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है। कुछ दिन पहले उसने लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) से अपना नाता तोड़, बीजेपी से हाथ मिला लिया था। हालांकि पहले भी जेडीयू एनडीए का हिस्सा रही थी। बीजेपी से हाथ मिलाने के कुछ दिन बाद जेडीयू एनडीए में दोबार से शामिल हो गई थी।

बात करें डीयू और यहां आगामी 12 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव की तो इस बार छात्र जेडीयू भी चुनाव लडऩे का मन बना रही है। क्या बीजेपी और जेडीयू की तरह दोनों की छात्र संगठन गठबंधन का हिस्सा बन चुनाव में उतरेंगे या फिर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लडेंगे? यह आगामी दिनों में देखने वाली बात होगी। ऐसे में इस बार का डूसू चुनाव काफी दिलचस्प होने जा रहा है। छात्र जेडीयू के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने इस बाबत बताया कि अभी हमारे उम्मीदवारों का चयन नहीं हुआ है तो चुनाव के बारे में हम ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। हमारे छात्र संगठन को अगर अच्छे उम्मीदवार मिल जाते हैं तो चुनाव में पक्का उतरेगी। बीजेपी की तरह एबीवीपी से गठबंधन पर उन्होंने बताया कि हमारे पार्टी की अपनी विचारधार है तो हम अपने छात्र संगठन के माध्यम से इस विचार को स्टडेंट्स तक पहुंचाना चाहते हैं। इसके लिए हमारे छात्र प्रतिनिधियों का होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि एबीवीपी से गठबंधन की बात रही तो हम सेंट्रल पैनल में एक या दो उम्मीदवार ही उतारेंगे। बाकि के पदों पर एबीवीपी का समर्थन करेंगे। वहीं, इस मामले पर एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने बताया कि गठबंधन बीजेपी व जेडीयू का हुआ है। इससे हमारा कुछ लेना-देना नहीं है। हमारे बीजेपी से केवल वैचारिक संबंध हैं। अन्य छात्र संगठनों की तरह हम बीजेपी की छात्र इकाई नहीं है। यह केवल लोगों का भ्रम है। बीजेपी के राजनीतिक समीकरण अलग-अगल राज्यों में बदलते रहते हैं। हम उनके अनुसार नहीं चलते। हम छात्र जेडीयू से कभी गठबंधन नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि एनडीए में शामिल शिरोमणि अकाली दल की छात्र इकाइ एसओआई (स्टूडेंट ऑफ इंडिया) ने भी एक बार डूसू के लिए चुनाव लड़ा था। हमने उनसे भी कोई गठबंधन नहीं किया था। एबीवीपी जोड़-तोड़ और गठबंधन की राजनीति से बहुत दूर है। हम चुनाव अकेले जीतने में पूरी तरह सक्षम हैं।

– चन्द्रशेखर वर्मा