रक्षाबंधन पर्व भाईचारे का संदेश देता है: इंद्रेश


नई दिल्ली: रक्षाबंधन पर्व अब केवल हिन्दुओं का नहीं बल्कि सभी धर्मों का पर्व बन गया है। रक्षाबंधन पर्व अब भाईचारे का संदेश देता है। इस पर्व को सभी धर्मों के लोग मनाते है। क्योंकि यह पर्व केवल भाई-बहन का नहीं बल्कि समाज में भाईचारे का संदेश देने के लिए मशहूर है। यह संदेश इंद्रेश कुमार ने दिल्ली के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम, सिविक सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रक्षाबंधन उत्सव में दिया। अंतरराष्ट्रीय रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन कई संगठनों ने मिलकर मनाया जिसमें मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, फ्रैंस, भारत-तिब्बत सहयोग मंच व विश्वग्राम प्रमुख संगठन है।

केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और इस रक्षाबंधन उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. ताहिर हुसैन ने कहा कि रक्षाबंधन उत्सव का संदेश है कि आपसी भाईचारा बढ़े और समाज में खाई पैदा करने वाली ताकतों का खात्मा हो। इस उत्सव में भाई की कलाई पर जब राखी बांधी जाती है तो वह बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। उन्होंने रक्षाबंधन को एक अनूठा उत्सव बताते हुए कहा कि ऐसा उत्सव दुनिया के अन्य किसी देश में नहीं मनाया जाता, जिसमें बहन-भाई को राखी बांधती है। यह उत्सव देश की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है।

वहीं संस्था के मीडिया प्रभारी पंकज गोयल ने कहा कि रक्षाबंधन का उत्सव भाई-बहन के पवित्र स्नेह का प्रतीक उत्सव है और यह उत्सव हमें आपसी भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में उत्सवों की एक अनूठी परम्परा रही है और सभी उत्सव हमारे आपसी भाईचारे को और अधिक सशक्त करते हैं। इस अवसर पर गिरीश जुयाल, मो. अफजाल, मि. मणी, पंकज गोयल, मौलाना कोकव व भरत रावत आदि शामिल हुए।