पांच करोड़ की फिरौती मांगने वाले मास्टरमाइंड का भाई अरेस्ट


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पूर्वी दिल्ली: प्रीत विहार इलाके से पांच करोड़ रुपए की फिरौती के लिए डॉक्टर अपहरण के मामले में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। दिल्ली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अपहरण मामले के मास्टरमाइंड दोनों भाइयों को दबोच लिया है। आरोपियों की पहचान सुशील और अनुज के तौर पर हुई है। दोनों को शुक्रवार तड़के मेरठ में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी मेरठ के दौराला इलाके में अपने एक रिश्तेदार के ट्यूबवेल पर पिछले कुछ दिनों से छिपे हुए थे। पुलिस टीम अब इन्हें दिल्ली लेकर आएगी तो पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा होगा। एडिशनल डीसीपी आर साथिया सुंदरम ने बताया कि इनकी तलाश में पुलिस दिल्ली-एनसीआर, यूपी व उत्तराखंड में घटना के बाद से ही ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थी।

शुक्रवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि मास्टरमाइंड दोनों भाई मेरठ के दौराला इलाके में एक ट्यूबवेल पर छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर एसीपी मयूर विहार अंकित सिंह और एसीपी प्रीत विहार डॉ. हेमंत तिवारी के नेतृत्व में गठित एसएचओ प्रीत विहार मनिंदर सिंह, इंस्पेक्टर रुपेश खतरी, एसआई दीपक पांडे, अबोध शर्मा और हवलदार कपिल की टीम ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर इन्हें चारों तरफ से घेरा, तो इन्होंने पुलिस पार्टी पर गोली चलाते हुए भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने अपना बचाव करते हुए इन्हें धर दबोचा। इसी टीम ने ही डॉ श्रीकांत को सकुल छुड़ाकर घर पहुंचाया था।

पकड़े गए आरोपियों पर पुलिस पर हमला करने सहित कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। इनकी गिरफ्तारी के साथ इस अपहरणकांड में अबतक कुल सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। सबसे पहले इस अपहरणकांड में चार लोगों को मेरठ में ही हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के चार आरोपियों प्रमोद कुमार, अमित कुमार, सोहनवीर और नेपाल उर्फ गोवर्धन को गिरफ्तार कर अगवा हुए डॉक्टर को छुड़ाया गया था। इसके बाद दूसरी बार हुई गिरफ्तारी में एक अन्य बदमाश विवेक उर्फ मोदी मर्चेंट नेवी इंटर्न को पुलिस ने दबोचा था। अब मास्टरमाइंड दोनों बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि गत छह जुलाई को डॉक्टर को उस वक्त यमुनापार के प्रीत विहार इलाके से उस वक्त अगवा किया गया था, जब वह ओला में सवार होकर अपने घर जाने के लिए निकला था।