सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द होंगी लागू


पश्चिमी दिल्ली: डीयू के दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज में शनिवार को संगोष्ठी की शुरूआत हुई। इस दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) की तरफ से किया गया था। इस दौरान 22 राज्यों से आए 400 से अधिक प्रोफेसर हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वायत्ता के कारण केंद्रीय संस्थानों के अनुदान में किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी। डीयू में तदर्थ शिक्षकों की समस्या भी जल्द खत्म हो जाएगी। उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर बराबर नजर बनी हुई है।

वर्तमान पदोन्नति स्कीम में संशोधन कर शिक्षकों को राहत दी जाएगी। कॉलेज स्तर पर शिक्षकों की पदोन्नति के लिए एपीआई की अपरिहार्यता नहीं रहेगी। जावडेकर ने देशभर में महासंघ के शिक्षा और शिक्षक कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की भी घोषणा की। इस दो दिवसीय संगोष्ठी के दौरान गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में शिक्षकों के दायित्व, पेशेगत आचार संहिता, नैक और एनआईआरएफ ग्रेडिंग सिस्टम, उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत, राज्य अनुदान पोषित संस्थानों के अनुदान में कमी और शिक्षकों की जवाबदेही आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।