स्वतंत्रता दिवस से पहले कड़ी सुरक्षा के घेरे में लाल किला


नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ के लिए लाल किले में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परंपरा के अनुसार 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले में ध्वजारोहण के बाद किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उधर, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आतंकी संगठनों व आईएस द्वारा नापाक मंसूबों को रचने के इंपुट मिलने के बाद दिल्ली पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं चाहतीं। यहीं वह है कि लाल किले पर जमीन से आसमान तक सुरक्षा का घेरा है। सुरक्षा व्यवस्था ऐसी है कि अगर परिंदा भी पर मारे तो सुरक्षा एजेंसियों को पता चल जाए। लाल किला पर स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर इस बार सुरक्षा इसलिए भी ज्यादा कड़ी है, क्योंकि हाल ही में दिल्ली पुलिस को दिल्ली में कुछ संदिग्ध आतंकियों के घुसे होने के इनपुट मिले थे। जिसमें कुछ महिलाएं भी बताई गईं थी। इनके बारे में अभी तक सुरक्षा एजेंसियों को कुछ पता नहीं चल सका है।

और बढ़ेगी सुरक्षा
पुलिस अधिकारी के मुताबिक लाल किले पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोवस्त हैं। एक समय में लाल किला के चारों और दिल्ली पुलिस के 40 जवान, पैरा मिलीट्री के 140 जवान, सीआईएसएफ के 300 जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा राउंड द क्लॉक पीसीआर की आठ गाडिय़ां लगातार लालकिले के चारों ओर गश्त करती हैं। अकेले लाल किले के आस-पास 250 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा हुआ है। निगरानी रखने के लिए चार मॉनिटरिंग रूम बने हुए हैं। स्वात, पराक्रम और डॉग स्क्वायड टीम चौबीसों घंटे तैनात हैं। पंद्रह अगस्त के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को इससे कहीं और ज्यादा पुख्ता किया जाएगा।

राउंड द क्लॉक चौकसी
लाल किले पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी है। इसका जायजा लेने के लिए आधी रात को पंजाब केसरी के संवाददाता व फोटोग्राफर लाल किले के पास पहुंचे। लाल किला पुरी तरह से सुरक्षा के घेरे में था। लोकल पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स और सीआईएसएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ था। पीसीआर की वैन भी लगातार लाल किला के चारों ओर गस्त करते हुए घूम रही थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लाल किला पर सुरक्षा का घेरा राउंड द क्लॉक है।

सीसीटीवी का जाल
लाल किला को सिर्फ अंदर से बाहर तक ही नहीं, बल्कि आस-पास के मार्गों व लालकिला की ओर से आने वाले सभी रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा हुआ है। सभी कैमरे उच्च क्वालिटी के हैं। जिनकी जद से बच पाना नामुकीन हैं। पुलिस वाहनों और सीसीटीवी ऑपरेटरों की एक टीम लगातार मॉनिटरिंग रूम से हर हलचल पर बारीकी से नजर रखते हैं।

मुस्तैद पराक्रम
आतंकियों को मुंहतोड़ जवान देने के लिए लाल किले पर दो पराक्रम गाडिय़ों को तैनात किया गया है। इन गाड़ी पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान आतंकियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार होते हैं। इस पर तीन कमांडो, एक ड्राइवर होता है। ये एनएसजी से स्पेशन ट्रेनिंग प्राप्त होते हैं।

डीसीपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
लाल किला पर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा एसीपी कोतवाली चंद्र कुमार सिंह व एसएचओ कोतवाली ओमप्रकाश के नेतृत्व में लाल किला चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार संभाले हुए हैं। प्रदीप कुमार ने हाल ही में कई बड़ी वारदातों को अपनी काबिलियत के बल पर वर्क आउट किया था। उनकी काबिलियत को देखते हुए ही उन्हें लाल किला की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। खुद डीसीपी (नॉर्थ ) जतिन नरवाल भी सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। शनिवार को वह लालकिला पहुंचे और वहां सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जायजा लिया। वह समय-समय पर ऑफिसरों से सुरक्षा व्यवस्था का इनपुट भी लेते रहते हैं, ताकि कहीं कोई चूक न रह जाए।

– वसीम सैफी