कहीं हुआ जलभराव तो कहीं गिरे पेड़


पश्चिमी दिल्ली: दिल्ली में हुई झमाझम बारिश से जहां लोगों को राहत मिली है। वहीं, यह बारिश लोगों के लिए परेशानी का भी सबब बन गई है। शुक्रवार को हुई बारिश ने एमसीडी व पीडब्ल्यूडी के सफाई संबंधी दावों की पोल पूरी तरह से खोल दी है। दोनों ही विभागों ने एक दूसरे पर आरोप मढऩा शुरू कर दिया है। एमसीडी की ओर से जारी मॉनसून रिपोर्ट ने भी दिल्ली में विभिन्न इलाकों में जलभराव की पुष्टि कर दी है। दर्जनों जगहों पर जलभराव हुआ और पेड़ भी गिरे। बारिश और तेज हवा के कारण राजधानी के विभिन्न इलाकों में बिल्डिंगों का हिस्सा भी गिरा। एमसीडी की ओर से जारी मॉनसून रिपोर्ट की मानें तो गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार तक हुई बारिश के कारण साउथ एमसीडी एरिया में 16 जगहों व नॉर्थ एमसीडी एरिया में 12 जगहों पर जलभराव की समस्या रही।

वहीं, नॉर्थ एमसीडी एरिया के डेरावल नगर में एक पेड़ व साउथ एमसीडी एरिया में 15 पेड़ गिरने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा साउथ एमसीडी एरिया में दो व नॉर्थ एमसीडी एरिया में एक जगह पर बिल्डिंग का हिस्सा गिरा है। निगम अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक नेशनल हाइवे-10 स्थित मुंडका, स्वर्ण पार्क, राजधानी पार्क, जीटी करनाल रोड़, जीटीबी नगर, रोहिणी, प्रशांत विहार, मालवीय नगर, संगम विहार, मंगलापुरी, जंगपुरा एक्सटेंशन, जसोला समेत कई जगह जलमग्न रहे। इसके अलावा नेताजी सुभाष प्लेस पीतमपुरा, अशोक विहार फेज-2, हनुमान मंदिर बाड़ा हिंदुराव हॉस्पिटल, सिविल लाइन, फराज खाना, रैगरपुरा करोल बाग, रमेश नगर, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, गंगाराम हॉस्पिटल, मोती नगर, टैंक रोड़ करोल बाग, रोहिणी, पश्चिम विहार, जहांगीरपुरी, सुलतानपुरी, अशोक नगर, मोहन गार्डेन, कुंवर सिंह नगर, कमला नगर, वजीरपुर, रामपुरा, रोहिणी के विभिन्न सैक्टर, शाहबाद डेरी में जलभराव की समस्या के कारण ट्रैफिक जाम रहा।

नेशनल हाइवे-10 रोहतक रोड़ स्थित मुंडका से लेकर नांगलोई के बीच मेन रोड पर कई फीट पानी जमा रहा। इसके कारण यहां पर घंटो ट्रैफिक जाम रहा। बता दें कि बीते साल भी हुई बारिश के दौरान नेशनल हाइवे-10 (रोहतक रोड) पूरी तरह से जलमग्न हो गया था। जिसके बाद एमसीडी व पीडब्ल्यूडी एक दूसरे पर सफाई न करने का आरोप मढऩे लगे थे। एमसीडी ने स्पष्ट करते हुए कहा था कि रोहतक रोड़ के किनारे बने नालों की सफाई का जिम्मा पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है और पीडब्ल्यूडी ने अपना काम पूरा नहीं किया।