दस ‘मुन्ना भाई’ गिरफ्तार


दक्षिणी दिल्ली: फतेहपुर बेरी इलाके में इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (आईईएलटीएस) में असली परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा में बैठे 10 ‘मुन्ना भाइयों’ को गिरफ्तार किया गया है। इनके विरुद्ध धोखाधड़ी और साजिश रचने संबंधी धाराएं दर्ज की गई हैं। आईईएलटीएस टेस्ट पास करने वाले ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते थे। इनसे जुड़े अन्य लोगों की भी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फतहेपुर बेरी इलाके में एक होटल में परीक्षा आयोजित की गई थी।

शनिवार को परीक्षा का आयोजन चल रहा था। इस दौरान 10 छात्रों द्वारा परीक्षा में धांधली करने की शिकायत पुलिस को मिली। शिकायत मिली थी कि दस परीक्षार्थियों के नाम पर बाहरी लड़के परीक्षा दे रहे हैं। इस आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर दस मुन्ना भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी के रहने वाले हैं। इन सभी को रविवार को साकेत अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद सात आरोपियों न्यायिक हिरासत में जबकि तीन को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस को शुरुआती जांच में पता लगा है कि आरोपी परीक्षार्थियों के दोस्त हैं। ये सभी बीटेक, बीकॉम और अन्य डिग्री धारक हैं। सूत्रों की मानें तो टेस्ट को लेकर विदेशी इंस्टीट्यूट अपने-अपने दूतावास के संपर्क में रहते हैं और उनकी ओर से ही परीक्षा का आयोजन करवाया जाता है।

क्या है आईईएलटीएस टेस्ट-इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (आईईएलटीएस) टेस्ट उन छात्रों और प्रोफेशनल लोगों के लिए जरूरी है, जो कि विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते या नौकरी करना चाहते हैं। खासकर ऐसे देश जहां कामकाज में अंग्रेजी भाषा का चलन अधिक होता है, जैसे कि यूके, यूएस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि देश शामिल हैं। विशेषतौर पर विदेश के शिक्षण संस्थान, प्रोफेशनल संस्थान और सरकारी इमिग्रेशन एजेंसी में जाने के लिए इस टेस्ट को पास करना अनिवार्य होता है। इस टेस्ट के चार सेक्शन होते हैं, लिस्निंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग। संबंधित देशों से वीजा ही तभी मिल पाता है कि जब आवदेनकर्ता इस टेस्ट को पास कर लेता है। विश्व में ऐसे नौ हजार संस्थान हैं, जो कि आईईएलटीएस टेस्ट की अनिवार्यता रखते हैं।

– राहुल शर्मा