कपड़ा व्यापारियों का धरना जारी


उत्तरी दिल्ली: जीएसटी में कपड़े को पांच प्रतिशत टैक्स के दायरे में रखने को लेकर व्यापारियों में खासी नारजगी है। इसे लेकर व्यापारी चांदनी चौक के घंटाघर पर प्रतिदिन दो घंटे का धरना दे रहे हैं। मंगलवार को भी व्यापारियों ने दो घंटे का धरना दिया। धरने के बाद व्यापारियों ने मार्केट बंद कराने की कोशिश भी की, जिसे पुलिस ने बलपूर्वक रोक दिया। दिल्ली हिन्दुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंघानिया के अनुसार मंगलवार को भी सुबह ग्यारह बजे धरना शुरू हुआ जो दिन के एक बजे तक चला। रोज की तरह धरने में बड़ी संख्या में दुकानदार शामिल हुए। उनका कहना है कि यह धरना तब तक चलता रहेगा, जब तक सरकार उनकी बातों को मान नहीं लेती। अगर सरकार उनकी बातें नहीं मानती है तो यह धरना भी यूं ही चलता रहेगा।

एसोसिएशन के महासचिव मुकेश का कहना है कि जीएसटी की वजह से कारोबार बिलकुल चौपट हो गया है। आज तीसरे दिन भी दुकान पर ग्राहक नहीं है। व्यापारी कब से इंतजार कर रहा था कि जीएसटी लागू हो और वह इमानदारी से काम कर सके। लेकिन यह सरकार तो इमानदारी से क्या काम ही नहीं करने देना चाहती। कर व्यवस्था ऐसी है कि लोगों को समझ ही नहीं आ रही। दुकानदार को लगभग नौ बिल बुक रखने हैं। लेकिन इसका नमूना नहीं होने के कारण अभी तक लोगों के पास बिल बुक ही नहीं है। वहीं ई वे बिल के नए प्रावधान की वजह से माल न तो आ रहा है और न ही कहीं जा रहा है। ऐसा रहा तो कारोबार बंद करने की नौबत आ जाएगी। धरने के बाद रोज की तरह व्यापारियों ने घंटाघर से लाल किले तक मार्च भी निकाला। इस दौरान युवाओं ने अन्य खुली दुकानों को बंद कराने की कोशिश भी की। लेकिन समय रहते ही पुलिस ने इन्हें बल पूर्वक रोक लिया।