अब गिर सकते हैं फल व सब्जियों के दाम


fruits and vegetable

पश्चिमी दिल्ली: दिल्ली में अब फल व सब्जियों के दाम गिर सकते हैं, कारण आजादपुर मंडी में पिछले कई दिनों से चली आ रही हड़ताल अब समाप्त हो गई है। हड़ताल समाप्त हो जाने के बाद मंडी के अंदर मंगलवार को जमकर खरीददारी हुई, जिससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। हड़ताल दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय के आश्वासन के बाद समाप्त कर दी गई। मंगलवार को हड़ताल समाप्त कराने के लिए व्यापारियों और सरकार के नुमाइंदों के बीच मैराथन बैठक हुई। मंडी के अंदर फड़ व थड़ों की बंदरबांट के विरोध में पिछले कई दिनों से व्यापारी हड़ताल पर थे। जिस कारण दिल्ली के अंदर सीजन होने के बावजूद फल व सब्जियों के दाम आसमान छू रहे थे। टमाटर के दाम तो सबसे ज्यादा बढ़कर सौ रुपए किलो तक जा पहुंचे थे।

इस बाबत पंजाब केसरी ने सबसे पहले खबर प्रकाशित की थी। इतना ही नहीं हड़ताल समाप्त होने की खबर भी पंजाब केसरी ने मंगलवार को ही प्रकाशित कर दी थी। आजादपुर मंडी में हड़ताल समाप्त होने के साथ ही मंगलवार को फल व सब्जियों की आवक बढ़ गई। मंडी के अंदर सेब, अनार, मौसमी, आलू प्याज और टमाटर की सैकड़ों गाडिय़ां पहुंची। व्यापारियों ने भी जमकर माल खरीदा और बेचा। सूत्रों की मानें तो मंडी के अंदर फल व सब्जियों की आवक बढऩे के साथ ही फल व सब्जियों के रेट गिरने शुरू हो गए हैं। जो टमाटर पिछले कई दिनों से दिल्ली के लोगों को रुला रहा था, वह टमाटर मंगलवार को 40 से 50 रुपए किलो बिका। अगर मंडी में टमाटर का रेट इतना डाउन हुआ तो खुदरा मार्केट में इसके दाम 60 से 70 रुपए किलो या उससे भी कम हो सकते हैं।

आलू प्याज समेत अन्य सीजनल सब्जियों के दाम भी आने वाले दिनों में इसी तरह तेजी से गिरेंगे। मंडी के अंदर कई दिनों तक लगातार मची रही अफरा-तफरा के कारण व्यापारियों ने माल खरीदने से भी दूरी बनाई हुई थी। बताया जाता है कि हड़ताल की बात पता चलने के बाद किसानों ने भी अपना माल मंडी में भेजना बंद कर रखा था, जिस वजह से मंडी के अंदर आवक कम हो रही थी। यही वजह थी कि दिल्ली के अंदर सरकार के लाख चाहने पर भी फल व सब्जियों के दाम कंट्रोल नहीं हो पा रहे थे। फल व सब्जियों के दाम आसमन छूने और माल की कमी होने के की बात को लेकर केन्द और दिल्ली सरकार के कर्मचारी भी लगातार मंडी के व्यापारियों से संपर्क बनाए हुए थे।

उधर आजादपुर मंडी की चेयरपर्सन साक्षी मित्तल ने पंजाब केसरी को बताया कि दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार शाम 4 बजे दिल्ली सचिवालय के अंदर व्यापारियों के दोनों ही गुटों के साथ बैठक की। सरकार ने व्यापारियों की ज्यादातर मांगों को मान लिया है। जिन बातों को लेकर सरकार और व्यापारियों के बीच असमंजस बना हुआ है, उसके लिए शनिवार तक का समय मांगा गया है। व्यापारियों ने एपीएमसी के तत्कालीन सचिव सतनाम सिंह को भी हटाने की मांग की थी। सरकार की ओर से इसके लिए उप राज्यपाल के पास प्रपोजल भेजा जाएगा। बैठक के बाद व्यापारियों के नेता अनिल मल्होत्रा ने सरकार और व्यापारियों के बीच गतिरोध समाप्त हो जाने की बात कही है।

व्यापारियों की क्या थी मांगें?

* एपीएमसी सचिव सतनाम सिंह को हटाया जाएगा, इसके लिए एलजी को भेजा जाएगा प्रपोजल।

* एपीएमसी सचिव सतनाम सिंह को हटाया जाएगा, इसके लिए एलजी को भेजा जाएगा प्रपोजल।

* मंडी की कमेटी का दोबारा किया जाएगा गठन, इसके लिए कार्रवाई शुरू।

* थड़ों के अवैध कब्जे हटाकर नए सिरे से लिए जाएंगे अलॉटमेंट एफीडेविट।

* मंडी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों के होंगे दौरे।

* मंडी की सुरक्षा पुख्ता किए जाने के लिए सरकार करेगी बंदोबस्त।

* मंडी में हर एंट्री गेट पर लगाए जाएंगे बायोमैट्रिक सिस्टम ताकि असामाजिक तत्वों को रोका जा सके।

मंडी में पहुंचे मनोज तिवारी


आजादपुर मंडी में व्यापारियों का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी समर्थन किया है। तिवारी ने मंगलवार को मंडी में पहुंचकर उन्होंने व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं पर चर्चा की। तिवारी ने कहा कि यह दुख का विषय है कि देश की सबसे बड़ी फल एवं सब्जी मंडी के व्यापारी गत लगभग दो सप्ताह से हड़ताल पर हैं पर दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार उनसे बात करने की बजाय स्थिति को बिगाडऩे के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार को न तो जनता को हो रही तकलीफें नजर आ रही हैं और न ही व्यापारियों की समस्यायें। यह पहला मौका नहीं अनेक मामलों में दिल्ली ने देखा है कि केजरीवाल सरकार लोकहित की उपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा फल व्यापारियों की समस्याओं को समझती है और हम अपना समर्थन उन्हें देते हैं, हमारे कार्यकर्ता व्यापारियों के संघर्ष में उनके साथ हैं।

– कुमार गजेन्द्र