दिल्ली में 77 स्थानों पर की गई मॉकड्रिल


नई दिल्ली: दिल्ली में शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे करीब 7.8 तीव्रता के भूकंप आया तो दिल्ली की सड़कों पर इधर से उधर एम्बुलेंस और फायर विभाग की गाडिय़ां सायरन बजाते हुए दौडऩे लगीं। प्रशासन की कोशिश थी कि भूकंप से प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द लोगों तक मदद पहुंचाई जाए, लेकिन कई मार्गों पर इमारतें गिरने की वजह से दूसरे मार्गों पर एम्बुलेंस को जाना पड़ा। यह नाजारा था दिल्ली में आयोजित हुई मॉक ड्रिल का। दरअसल, दिल्ली में भूकंप से बचने और कम से कम दिल्ली वालों को नुकसान पहुंचे इसके लिए दिल्ली में आज दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन, एनडीएमए, एनडीआरएफ, एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, सेना, फायर, एयरफोर्स, फायर और अन्य प्रमुख विभागों द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। दिल्ली के 77 स्थानों पर यह मॉक ड्रिल की गई।

सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली में जब भी बड़ी तीव्रता का भूकंप आए, उससे कम से कम नुकसान हो इसके लिए तैयार रहना हैं। जिला उपायुक्त कार्यालय में प्रेसवार्ता करती हुईं राजस्व सचिव मनीषा सक्सेना ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे दिल्ली में 7.8 तीव्रता वाले भूकंप आने की स्थिति को लेकर मॉक ड्रिल दिल्ली के 77 स्थानों पर की गई। इसमें हर जिले के एक मेट्रो स्टेशन, बाजार और अस्पताल जैसी जगहों को मॉक ड्रिल के चिन्हित किया गया था। यहां पर मॉक ड्रिल की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 के बाद यह पहली इतने बड़े स्तर पर की गई मॉक ड्रिल है। मनीषा सक्सेना ने कहा कि इस मॉक ड्रिल बिना फोन और लैंडलाइन फोन के संपर्क स्थापित पूरी मॉक ड्रिल को किया गया। इससे भी बड़े स्तर पर पब्लिक को जोड़कर मॉक ड्रिल का आयोजन आने वाले दिनों में किया जाएगा।