जजों पर हमला करने वाले तीन लोगों को दस वर्ष की कैद


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दक्षिणी दिल्ली: रोडरेज के एक मामले में तीन जजों पर जानलेवा हमला करने वाले लोगों को अदालत ने दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष की सजा सुनायी है। अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि फैसलों की वजह से जजों पर जानलेवा हमले की आशंका बनी रहती है। फैसले से एक पक्ष नाराज होता है ऐसे में वह रंजिश में हमला करता है। पेश मामले में दोषियों ने वर्ष 2012 में तीन जजों पर हमला किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर के त्रिपाठी ने दिल्ली के रहने वाले अनिल राज, रोहित और प्रशांत को हत्या के प्रयास में दस-दस वर्ष की सजा सुनायी है।

सजा सुनाते हुए कहा कि इस घटना ने समाज की अंतरात्मा को हिला कर रख दिया और समाज में यह संदेश दिया कि कोई भी सुरक्षित नहीं है। अदालत ने तीनों दोषियों को हत्या का प्रयास के तहत सजा सुनायी है। पेश मामले के अनुसार जिला अदालत के तीन जजों की हत्या का प्रयास किया गया था। वर्ष 2012 में रोड रेज की घटना में जज के उपर ईंट फेक कर हत्या करने का प्रयास किया गया था। साकेत कोर्ट के तत्कालीन जज अजय गर्ग, एम के नागपाल और इंद्रजीत सिंह के उपर हमला किया गया था।

इनके उपर हमला तब किया गया था जब वे लोग जा रहे थे। इस हमले में चार लोग शामिल थे। एक हमलावर को पकड़ा नहीं जा सका उसे भगौड़ा घोषित कर दिया गया। अदालत ने दोषियों के इन दलीलों को खारिज किया गया उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया। पेश मामले के अनुसार 17मई 2012 की शाम जज फरीदाबाद की ओर जा रहे थे। दक्षिणपुरी इलाके में दोषियों की बाइक कार से टच होने पर विवाद बढ़ा।