‘स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए खत्म किए 1200 कानून’


दक्षिणी दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण को सरल करते हुए करीब 1200 जटिल नियम और प्रक्रियाओं को खत्म कर दिया है। यह बात नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार को उद्यमी राष्ट्रीय सम्मेलन के सातवें संस्करण में उद्यमियों को संबोधित करते हुए कही। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने विशेष रूप से सूक्ष्म, लघ और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए बहुत से कदम उठाए हैं। पिछले दो वर्षों में सरकार ने बहुत सारे नियमों और कानूनों, प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को खत्म करने की कोशिश की है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि कागजी कार्रवाई और कई कानूनों को खत्म करने के बाद अब एक दिन में पंजीकरण कर सकते हैं और इसे रजिस्टर करने में केवल पांच मिनट का समय लगता है।

वहीं स्टार्टअप को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि जो असफल हो जाते हैं, वे तुरंत कारोबार से बाहर निकल सकते हैं, क्योंकि देश में दिवालिया कानून बन चुका है। देश में जीएसटी कानून और जीएसटी का असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा। जीएसटी के लागू होने से देश में नौकरियों के अवसर और बढ़ेंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने फंडों का फंड बनाया है, ताकि युवा उद्यमियों को धन उपलब्ध कराने के लिए विशाल संख्या वेंचर फंड मौजूद रहें। जब स्टार्टअप को वेंचर फंड से सहायता मिलेगी, तो स्टार्टअप परितंत्र का विकास होगा। वहीं, इस कार्यक्रम में आरबीआई के पूर्व गवर्नर विमल जालान भी मौजूद थे।