रेलवे के नए नियम के तहत तत्काल टिकट कैंसिल कराने पर 50 फीसदी पैसा वापस


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आने वाली 1 जुलाई से केवल जीएसटी लागू होने जा रहा है। जिसके अंतर्गत रेलवे में बहुत कुछ बदलने वाला है। जीएसटी लागू होने के तहत 1 जुलाई से तत्काल टिकट कैंसिल कराने पर 50 फीसदी पैसा वापस मिलेगा। वहीं, सुविधा ट्रेन का टिकट वापस करने पर 50 फीसदी ही पैसा वापस मिलेगा। अगर कोई ट्रेन के निर्धारित समय से 4 घंटे पहले अपने टिकट को कैंसिल कराता है तो उसे कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा। आरएसी टिकट कैंसिल कराने के लिए ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर कैंसिलेशन चार्ज काटने के बाद रिफंड वापस मिल जाएगा।

1 जुलाई से पेपरलेस टिकटिंग व्यवस्था, शताब्दी और राजधानी से शुरुआत होगी। यात्रियों को पेपरवाली टिकट नहीं मिलेगी बल्कि उनके मोबाइल पर टिकट भेजा जाएगा। वहीं, अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में भी टिकट मिलेगा। अगर आपके पास ई-टिकट है और अगर ट्रेन कैंसिल हो जाती है तो इसके लिए टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट) फाइल करने की जरूरत नहीं है। आपका रिफंड अपने आप अकाउंट में आ जाएगा। वहीं काउंटर टिकट का रिफंड काउंटर से ही मिलेगा। 1 जुलाई से सुविधा ट्रेनें चलेंगी जिनमें सिर्फ कंफर्म या आरएसी यात्रियों को टिकट मिलेगा। वहीं, सुविधा ट्रेन में वेटिंग लिस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं होगा। गौरतलब है कि वेटिंग वाला ई-टिकट अपने आप कैंसिल हो जाता है और उसका पैसा उसी अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है जिससे टिकट बुक किया गया था।

ट्रेन आने के समय से 12 घंटे से लेकर 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर टिकट का 50 फीसदी चार्ज लगता है। इसमें एक शर्त है कि यह 50 फीसदी या फिर 48 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर लगने वाले चार्ज में से जो भी ज्यादा होगा वही चार्ज लगेगा। इसके अलावा यदि आपके पास ई-टिकट है और वह वेटिंग में है। ऐसे में आप उससे यात्रा नहीं कर सकते हैं। अगर वेटिंग में ई-टिकट लेकर यात्रा करेंगे तो आपको बिना टिकट माना जाएगा।