स्कॉटलैंड तट पर बनेगी पानी में तैरने वाली पवनचक्की


नई दिल्ली: स्कॉटलैंड तट पर दुनिया की पहली ऐसी पवन चक्की बनाई जा रही है जो पानी में तैरती नजर आएगी। इस पवन चक्की में टरबाइन ब्रिटेन के वेस्टमिंस्टर पैलेस के उत्तरी छोर पर लगी बिग बेन से भी बड़ी हैं। इस तकनीक से पानी में भी पवन ऊर्जा पैदा ही जाएगी। पवन चक्की संयंत्र परीक्षण के तौर पर लगाया जाएगा जिससे 20,000 घरों में बिजली आएगी। पवन चक्की संयंत्र को हाइविंड नाम से भी जाना जाता है। नार्वे स्थित मैन्यूफैक्चरर स्टैटोइल के अनुसार टरबाइनों से मौजूदा उत्पादन से अधिक बिजली पैदा होने की संभावना है।

हाइविंड के प्रोजेक्ट निदेशक लीफ डेल्प ने कहा कि यह टेक डेवलेपमेंट परियोजना यह सुनिश्चित करने के लिए है कि यह संयंत्र समुद्री परिस्थितियों में भी काम करे। यह तैरने वाली पवन ऊर्जा अहम है और हमें भरोसा है कि इससे लागत में कमी आएगी। बड़ी-बड़ी टरबाइनों को तट पर लाया जा रहा है। इस महीने के अंत तक सभी टरबाइनों को तट से 25 किमी दूर लाया जाएगा।

बीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ये टरबाइन पानी में एक किमी की गहराई तक भी काम कर सकती हैं। ब्लेड समेत टावर की ऊंचाई 175 मीटर है जिसके आगे बिन बैन भी बौना हो जाएगा। प्रत्येक टावर का वजन 11500 टन है।