स्टिकर से सुलझी अपहरण की गुत्थी


पूर्वी दिल्ली: पांच करोड़ की फिरौती के लिए डॉ. श्रीकांत (29) के अपहरण की वारदात ने दिल्ली पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। अपहरण की वारदातों को दिल्ली पुलिस अमूमन टैक्रिकल सर्विलांस की मदद से सुलझाती है, मगर डॉक्टर का अपहरण करने वालों के आगे दिल्ली पुलिस का यह हाइटेक तंत्र पूरी तरह से फेल था। अंत में पुलिस का खुफिया तंत्र ही काम आया। कार पर लगे स्टीकर से पुलिस को लीड मिली और गुप्त सूचना के बाद अंत में मेरठ के शताब्दी नगर कॉलोनी में बदमाशों से मुठभेड़ कर डॉक्टर को सकुशल मुक्त कराया। बदमाशों तक पहुंचने और डॉक्टर को मुक्त कराने तक का पुलिस को सफर काफी कठिनायों भरा था।

दस दिनों तक पुलिस टीम जंगलो में पड़ी हुई थी। बदमाशों के चुंगल से छुटने के बाद डॉ. श्रीकांत ने दिल्ली पुलिस का तहे दिल से शुक्र अदा किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार आरोपियों प्रमोद, नेपाल, अमित और सोमवीर को गिरफ्तार किया है। प्रमोद पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान प्रमोद के पैर में दो गोलियां लगी हैं। उन्हें मालूम था कि ओला उन्हें मोटी रकम देने के लिए तैयार हो जागी। फिलाल दोनों भाई और गौरव व विनोद उर्फ मोदी नाम के आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।