डोकलाम मुद्दे पर बोले रक्षा मंत्री – किसी भी स्थिति का सामना करने को तैयार हैं हमारे सैन्य बल


Arun Jaitley

डोकलाम मुद्दे को लेकर भारत और चीन के बीच लगातार जुबानी जंग जारी है। वही भारत चीन सीमा पर तनातनी बनी हुई है आपको बता दे कि डोकलाम मुद्दे को लेकर भारत और चीन की सेना के बीच विवाद अभी जारी है । वही आज रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारतीय सैन्य बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

डोकलाम में गतिरोध के बीच चीन द्वारा तिब्बत में सैनिकों की गतिविधियां की रिपोर्ट और पाकिस्तान के एक सैन्य अधिकारी द्वारा अपने रक्षा उद्योग भारत से बेहतर बताए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि भारतीय सैन्य बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं ।

रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि देश में पर्याप्त हथियार और गोलाबारूद है और रक्षा तैयारियां पूरी हैं। जेटली ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि हथियार और गोलाबारूद समेत रक्षा उपकरणों की क्षमता में वृद्धि एक सतत प्रक्रिया है। देश में पर्याप्त हथियार मौजूद हैं और रक्षा तैयारियां पूरी हैं। इसे लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।

बता दें कि रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने यह जवाब उस वक्त दिया जब कैग की एक हालिया रिपोर्ट और चीन के साथ चल रहे गतिरोध के संदर्भ में उनसे सवाल किया था। जेटली ने यह भी कहा कि भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सैन्य तैयारियों को बढ़ाने की जरूरत है और इसके लिए सरकार की ओर से रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जेटली ने कहा कि सैन्य जरूरतों को सिर्फ दूसरे देशों से खरीद के माध्यम से पूरा नहीं किया जा सकता। इसके लिए देश के भीतर भी विनिर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रयास किया जा रहा है कि सेना के लिए जरूरी गोला-बारूद, विमानों और हेलीकॉप्टरों का विनिर्माण देश के भीतर हो सके।

इससे पहले लोकसभा में केसी वेणुगोपाल और इटी मोहम्मद बशीर के पूरक प्रश्नों के उत्तर में जेटली ने कहा कि मैंने पहले भी यह बात कही थी और आज फिर दोहराता हूं कि हमारे रक्षा बलों के पास किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में उपकरण उपलब्ध हैं और इसको लेकर किसी किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए. सदस्यों ने कैग की एक हालिया रिपोर्ट और चीन के साथ चल रहे गतिरोध के संदर्भ में रक्षा मंत्री से सवाल किया था। जेटली ने यह भी कहा कि भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सैन्य तैयारियों को बढ़ाने की जरूरत है और इसके लिए सरकार की ओर से रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।


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