चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान कर दिया है। यहां 9 नवंबर को चुनाव होगा और 18 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार इसके लिए 16 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।

चुनाव के ऐलान के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्योति ने बताया कि हिमाचल की सभी पोलिंग बूथों पर वीवीपैट से चुनाव होगा, किसी राज्य में ये पहली बार है जब सभी सीटों पर वीवीपैट का इस्तेमाल होगा, इससे मतदाता ये जान सकेगा कि उसका वोट किसे गया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा कि इस बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में फोटो वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल होगा। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में 7,521 पोलिंग स्टेशन हैं। सभी पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर होंगे और सभी जगहों पर वीवीपैट (VVPAT) का इस्तेमाल किया जाएगा।

साथ ही अचल कुमार ज्योति ने कहा इस बार वोटिंग कंपार्टमेंट्स की ऊंचाई भी बढ़ाई गई है और अब यह 30 इंच होगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस बार हिमाचल में 136 मतदान केंद्र ऐसे होंगे जो पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित किए जाएंगे।

वही ये भी कहा कि एफिडेविट पूरा नहीं भरा होने पर प्रत्याशियों को नोटिस जारी होगा और प्रत्याशी प्रचार में अधिकतम 28 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे । साथ ही हिमाचल प्रदेश चुनाव में वोटिंग की वीडियोग्राफी कराई जाएगी ।

मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा कि गुजरात में 50 हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदाता मतदान सत्यापन पर्ची (वीवीपीएटी) प्रणाली का प्रयोग होगा। इस प्रणाली का पहली बार प्रयोग इस साल गोवा चुनावों में किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों जगह मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है।

हालांकि, गुजरात विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान नहीं किया गया. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, गुजरात में दो फेज में दिसंबर के दूसरे हफ्ते में चुनाव होंगे।

गुजरात और हिमाचल में मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। गुजरात को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. राहुल गांधी एक महीने में दो बार यहां का दौरा कर चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक महीने में 3 बार गुजरात होकर आए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर होगी।

आपको बता दे कि पहली बार विधान सभा चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी के साथ मतदान होगा। वीवीपीएटी मशीन में हर वोटर ईवीएम मशीन पर वोट देने के बाद उसके बगल में रखी वीवीपीएटी मशीन से निकली पर्ची पर इस बात की पुष्टि कर सकता है कि उसका वोट सही पड़ा है। राज्य की 68 सीटों मे अभी 36 कांग्रेस के पास है और 27 बीजेपी के पास। अन्य पांच सीटें निर्दलीय के पास हैं। राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं।

जानिए, इन 5 राज्यों ही हाल की स्थिति

1. गुजरात

गुजरात में फिलहाल भाजपा की सरकार है और 182 सीटों में से भाजपा के पास 112 सीटें हैं। राज्य में फिलहाल विजय रुपाणी मुख्यमंत्री हैं और भाजपा ने अगले विधानसभा चुनाव में 150 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

2. हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है और इसके पास कुल 68 सीटों में से 36 सीटें हैं जबकि भाजपा के पास 27 सीटें हैं। इनके अलावा 5 निर्दलीय विधायक भी हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की चारों सीटों पर कब्जा किया था और विधानसभा चुनाव में भी इस बार सत्ता में आने की पूरी कोशिश मे है।

3. एक्शन में हैं बीजेपी-कांग्रेस

गौरतलब है कि दोनों राज्यों में चुनाव को देखते हुए पेट्रोल-डीज़ल के रेट घटाए गए हैं। केंद्र सरकार के कहने पर ही राज्य सरकारों ने वैट में कटौती की। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी गुजरात का मोर्चा संभाले हुए है। राहुल ने पिछले एक महीने में दो बार गुजरात का दौरा किया है. राहुल शहर-शहर घूमकर मोदी सरकार पर हल्ला बोल रहे हैं।

मोदी ने भी पिछले कुछ दिनों में ही गुजरात के कई दौरे कर चुके हैं। पीएम ने पिछले दिनों गुजरात में ही बुलेट ट्रेन की नींव रखी, सरदार सरोवर डैम की शुरुआत की और भी कई तरह की योजनाओं की शुरुआत की। पीएम हाल ही में अपने गृहनगर वडनगर भी गए थे।

4. अभी ये है स्थिति

गौरतलब है कि गुजरात में 182 विधानसभा सीटें हैं। अभी बीजेपी के पास 120, कांग्रेस 43, एनसीपी 2, जद(यू) 1, 1 सीट निर्दलीय के पास है. दूसरी ओर हिमाचल में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं। जहां 36 कांग्रेस के पास, 27 बीजेपी के पास और 5 निर्दलीय के पास हैं।

5. गुजरात में पहली बार बिन मोदी चुनाव

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के गुजरात की राजनीति को छोड़ देश की कमान संभालने के बाद यह गुजरात का पहला चुनाव है। मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने 2002, 2007, 2012 का चुनाव जीता था। पिछले कुछ दिनों में गुजरात में बीजेपी को पाटीदार आंदोलन जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।