कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह का मानना है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल लागू करके और 1984 में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को अंजाम देने की मंजूरी देकर दो ‘‘गंभीर गलतियां’’ की, लेकिन इनके बावजूद वह महान एवं ताकतवर प्रधानमंत्री और एक विचारशील मानवतावादी थीं।

नटवर सिंह ने वर्ष 1966 से 1971 तक इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में सिविल सेवा के अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दी। वह 1980 के दशक में कांग्रेस में शामिल हो गए और राजीव गांधी की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। पूर्व विदेश मंत्री ने अपनी नई किताब ‘ट्रेजर्ड एपिसल्स’ में पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में लिखा है, “अक्सर इंदिरा गांधी को गंभीर, चुभने वाली और क्रूर बताया जाता है। कभी-कभार ही यह कहा जाता है कि यह खूबसूरत, ख्याल रखने वाली, सुंदर, गरिमामयी और शानदार इंसान, एक विचारशील मानवतावादी एवं व्यापक अध्ययन करने वाली थीं।” यह किताब पत्रों का संकलन है।

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नटवर सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल लागू करके और 1984 में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को अंजाम देने की मंजूरी देकर दो “गंभीर गलतियां” की, लेकिन “इनके बावजूद वे एक महान एवं ताकतवर प्रधानमंत्री थीं।” कांग्रेस नेता ने अपनी किताब में उन पत्रों को शामिल किया है, जो उन्हें उनके दोस्तों, समकालीनों एवं सहकर्मियों ने उनके विदेश सेवा के दिनों से लेकर विदेश मंत्री पद पर होने के दौरान तक लिखीं।

इस किताब में इंदिरा गांधी, ई.एम.फॉर्स्टर, सी. राजगोपालाचारी, लॉर्ड माउंटबेटेन, जवाहरलाल नेहरू की दो बहनों – विजयलक्ष्मी पंडित एवं कृष्णा हूथीसिंग, आर. के. नारायण, नीरद सी. चौधरी, मुल्क राज आनंद और हान सूयिन के पत्रों को भी शामिल किया गया है। नटवर सिंह का कहना है कि इन गणमान्य लोगों ने अलग तरह से उनके जीवन पर अपना प्रभाव डाला, जिसकी वजह से दुनिया को देखने का उनका नजरिया काफी व्यापक एवं समृद्ध हुआ।