आदि गुरु शंकराचार्य ने सामाजिक समरसता की सीख दी


ग्वालियर  : ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर आयोजित एकात्मयात्रा और जन संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहानने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ज्ञान , भक्ति एवं कर्म की त्रिवेणी थे । उन्होंने पूरे देश को जोड़ने के लिए पूरव ,पश्चिम ,उत्तर और दक्षिण चारो दिशाओ में लोगो को एकात्मता की सीख दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सांस्कृतिक ,एकता , सामाजिक समरसता के लिए काम कर रहे है ।

नमामि नर्मदे और एकात्म यात्रा का उद्देश्य सामाजिक जनजागरण ही है । उन्होंने कहा कि सभी लोग मतभेद भुलाकर साथ आयें क्योंकि सभी अपने है । उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में आतंकवाद जैसी समस्याऐं है । अमेरिका , उत्तर कोरिया में भी यह समस्या है । इन सभी समस्याओं का समाधान आदि गुरु शंकराचार्य के अद्वैतदर्शन में है यदि आदि गुरु शंकराचार्य के ज्ञान , भक्ति और कर्मके मार्ग पर चला जाये तो बहुत सी समस्याओं का हल निकल आता है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य की ओंकारेश्वर में स्थापित होनी वाली 108 फ़ीट ऊंची प्रतिमा के लिए प्रदेश के गांव-गांवसे मिट्टी और धातु संग्रह किया जा रहा है । प्रतिमा स्थल की नींव में गांव- गांवसे लाई गई मिट्टी डाली जाएगी और धातुकलशों को गलाकर मूर्ति का आधार बनेगा ।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सारी दुनिया एक परिवार है वसुदेव कुटुंबकम की भावना से प्रत्येक प्राणी में सदभावना हो तो सभी सुखी व निरोगी हो जायेंगे यही भाव आदि गुरु शंकराचार्य के थे। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही भगवान की सच्ची सेवा है । लोग अपना कर्म यदि ईमानदारी से करे तो यह भी भक्ति ही है ।

फूलबाग स्थित मैदान में आयोजित एकात्म यात्रा के मंच पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वप्रथम आदि गुरु शंकराचार्य की पादुकाओं का पूजन किया तदोपरांत मंच पर आसीन साधु संतो का शॉल श्रीफल देकर सम्मान किया । मंच पर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी साधना सिंह ,नगरीयप्रशासन मंत्री माया सिंह , उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ,महापौर विवेक नारायण शेजवलकर , पूर्व मंत्री एवं विधायक नारायण सिंह कुशवाह ,विधायकभारत सिंह कुशवाह , भाजपा के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा आदि उपस्थित थे ।

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