नई दिल्ली : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि भारत पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है लेकिन सीमाओं के अतिक्रमण, जवानों एवं नागरिकों की सुरक्षा की कीमत पर नहीं। कश्मीर की स्थिति के बारे में शाह ने कहा कि पत्थरबाजी और चर्चा साथ नहीं हो सकती है। मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति के बारे में एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने पत्रकारों से कहा कि इसके कालक्रम को समझना जरूरी है।

जब हमारी सरकार का शपथग्रहण था तब हमने अपने सभी पड़ोसी देशों के शासनाध्यक्षों को बुलाया था जिसका मकसद यह था कि हम सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहते थे। उन्होंने कहा कि हम सभी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं लेकिन अच्छे रिश्ते कैसे होंगे? अगर हमारे जवानों के साथ अन्याय हो, अगर हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर आघात हो, हमारी सीमाओं का अतिक्रमण होता हो, तो स्थिति कैसे सामान्य रहेगी।

शाह ने कहा कि हमने तो हाथ बढ़ाया था, हम चाहते थे कि रिश्ते अच्छे हो लेकिन कोई समान रूप से उत्तर नहीं देगा तो क्या करें। पाकिस्तान के साथ रिश्ते अकेले हिन्दुस्तान तय नहीं कर सकता। इस बारे में जिम्मेदारी पाकिस्तान को भी निभानी है। उन्होंने कहा कि अच्छे रिश्ते दोनों देशों को मिलकर बनाना है। भारत की मंशा है कि रिश्ते अच्छे हों लेकिन आप (पाकिस्तान) स्थिति ऐसी करोगे तो क्या करें। सीमाओं के अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

कश्मीर की स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर की स्थिति के बारे में छह महीने के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। 1989 के बाद से वहां की स्थिति को देखे तो कई बार ऐसे मौके आए हैं जब कई महीने स्थिति उतार चढ़ाव भरी रही है। लेकिन सुरक्षा बलों ने स्थिति ठीक की है। अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में पत्थरबाजी समाप्त हो, हिंसा समाप्त हो, तो चर्चा हो सकती है। जब तक पत्थरबाजी होगी तब तक चर्चा नहीं होगी ।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बारे में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि कोई पत्थर फेंकेगा तो क्या फूल बरसाये जायेंगे। यह पूछने पर कि पत्थरबाजी की घटना से निपटने की क्या रणनीति है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें पत्थरबाजी करने वालों समझना पड़ेगा, उन्हें पत्थरबाजी बंद करनी पड़ेगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज भारत वैश्विक नेता बनकर उभरा है । पहले हर रोज सीमा पर अतिक्रमण की खबरें आती थी, आज भी आती होंगी लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत दुनिया में मजबूत इरादों वाले देश के रूप में उभरा है।