गुजरात में कांग्रेस को एक और बडा झटका


गांधीनगर :गुजरात में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को एक सप्ताह के भीतर एक और बडा झटका लगा है और गत 21 जुलाई को कद्दावर नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोडने के बाद आज विधानसभा में पार्टी के मुख्य दंडक (सचेतक) बलवंत सिंह राजपूत और पाटीदार समुदाय की महिला विधायक तेजश्रीबेन पटेल ने सदन की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। दोनो नेताओं ने आज यहां विधानसभा अध्यक्ष रमनलाल वोरा को अपना त्यागपत्र सौंपने के बाद कहा कि वे पार्टी के अंतर्कलह से दुखी होकर यह कदम उठा रहे हैं। सिद्धपुर के विधायक श्री राजपूत ने कहा कि वह अविरत 35 साल से पार्टी की सेवा करते रहे हैं पर श्री वाघेला का रिश्तेदार (उनके विधायक पुत्र महेन्द्र सिंह के समधी) होने के कारण उन्हें अब शंका की नजर से देखा जा रहा है। वीरमगाम की विधायक श्रीमती पटेल ने कहा कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व ही उन्हें हराने के लिए काम कर रहा था। पार्टी में ऊपर से नीचे तक जबरदस्त अंतर्कलह है। समझा जा रहा है कि श्री राजपूत आज शाम यहां भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो सकते हैं और वह आठ अगस्त को गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में भाजपा के तीसरे उम्मीदवार बन सकते हैं ताकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को, जिन्होंने कल ही नामांकन किया था, को लगातार पांचवी बार जीतने से रोकने का प्रयास किया जा सके। श्री पटेल पहले से ही इनमें से एक सीट पर राज्यसभा सांसद हैं। दो अन्य सीटें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और दिलीप पंडया के पास हैं। इस बार भाजपा ने अध्यक्ष अमित शाह तथा श्री ईरानी को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन की अंतिम तिथि कल है। 182 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के पास एक बागी समेत 122 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 55 (दो के इस्तीफे के बाद) तथा राकांपा के पास दो और जदयू के पास एक विधायक हैं। श्री पटेल को जीत के लिए कम से कम 47 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। हालांकि राष्ट्रपति चुनाव में 11 कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोङ्क्षटग के चलते चुनावी परिचय काफी रोचक होगा।