दो दिन की नाराजगी के बाद डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने संभाला कार्यभार


गुजरात में विभागों के आवंटन को लेकर नाराज चल रहे उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल पिछले दो दिनों से जारी ‘हाई वोल्टेज’ राजनीतिक ड्रामा के बाद आज आखिरकार मान गये और विधिवत पदभार संभाल लिया।

नितिन पटेल ने गांधीनगर के सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पदभार संभालने के बाद कहा कि वैसे तो उन्होंने शपथ लेने के ठीक बाद मूंगफली के समर्थन मूल्य पर खरीदी के बारे में सचिवों और अधिकारियों के साथ बैठक करके कामकाज शुरू कर दिया था पर आज वह पूजा-पाठ करके विधिवत अपने चैंबर में कार्यभार संभाल रहे हैं।

कल एक जनवरी को नये साल में सरकार का कामकाज सुचारू तरीके से शुरू हो जायेगा। पद संभालने पर उनके मातहत अधिकारियों और समर्थकों ने उन्हें पेड़ा खिला कर उनका मुंह मीठा कराया। इससे पहले उन्होंने अहमदाबाद में पत्रकारों से कहा था आलाकमान ने उनकी भावना को समझा है जिसके चलते वह आज ही अपना कार्यभार संभाल लेंगे।

गत 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के साथ शपथ लेने के बाद 28 दिसंबर की रात एक और हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच विभागों के बंटवारे में उनसे वित्त, नगर विकास और नगरीय आवास और पेट्रोरसायन विभाग ले लिये जाने के चलते उन्होंने दो दिनों तक कार्यभार नहीं संभालते हुए बगावती तेवर अपना रखा था। वह सरकारी वाहन का भी इस्तेमाल नहीं कर रहे थे और राजधानी गांधीनगर की बजाय अहमदाबाद में थलतेज स्थित अपने निजी आवास में रह रहे थे।

पटेल ने आज सुबह यहां अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता रामलाल, वी सतीष समेत अन्य लोगों से उनकी बातचीत हुई। वह नाराज नही थे बल्कि उपमुख्यमंत्री और सरकार में नंबर दो होने के चलते उन्हें शोभा दें, ऐसे विभाग चाहते थे। यह बात उन्होंने शाह और अन्य नेताओं को बतायी और नेतृत्व ने उनकी भावना का सम्मान किया है।

शाह ने उन्हें फोन कर पदभार संभालने को कहा है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी आज दोपहर दो बजे तक राज्यपाल को उन्हें कुछ विभाग और सौंपने के लिए पत्र दे देंगे। उन्हें यह पता नहीं कि यह कौन सा विभाग होगा। पर उन्हे पार्टी नेतृत्व पर पूरा विश्वास है।

उन्होंने कहा कि वह भाजपा के पहले जनसंघ के समय से पार्टी से जुड़े हैं। वह 40 साल से पार्टी में है, 25 साल से मंत्री हैं और अब दूसरी बार उपमुख्यमंत्री हैं इसलिए गौरव योग्य पद चाहते थे। वह भाजपा के है और इससे अलग होने का सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस के लोग इस अंदरूनी मामले में राजनीतिक बात देख रहे थे।

उन्होंने कहा, वे चाहते थे कि मै भाजपा छोड़ दूं और सरकार गिर जाये ताकि उनकी सरकार बन सके। पर मै भाजपा का आदमी हूं और राजनीति में सत्ता के लिए नहीं विचारधारा और देशप्रेम की भावना से आया हूं। वह पहले भी और हर संकट में भाजपा के साथ रहे हैं। उन्होंने पिछले दो दिन में उनसे मिलने वाले हजारों लोगों और समर्थकों का भी आभार प्रकट किया। पटेल इसके बाद राजधानी गांधीनगर के लिए रवाना हो गये।

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