जमीन पर कब्जा लेने के प्रयास का किसानों ने किया विरोध, हिरासत में 50


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भावनगर जिले के एक गांव में प्रस्तावित कोयला संयंत्र के वास्ते जमीन पर कब्जा लेने के लिए गुजरात सरकार की एक कंपनी के कदम पर किसानों ने आज विरोध जताया और पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लगभग 50 किसानों को हिरासत में ले लिया। किसानों के एक समूह के स्थानीय प्रमुख ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और बच्चों समेत प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई की और इस दौरान कम से कम पांच लोग घायल हो गये।

गुजरात पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने लगभग दो दशक पहले अपना प्रस्तावित लिग्नाइट संयंत्र स्थापित करने के लिए भावनगर में घोघा तालुक के12 गांवों में लगभग 1,250 किसानों की 3,377 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। हालांकि इन सालों में जमीन किसानों के कब्जे में ही रही और वे इस पर खेती कर रहे थे। किसान अब अधिग्रहित भूमि का कब्जा लेने के लिए कंपनी के प्रयास का विरोध कर रहे है।

भावनगर के पुलिस अधीक्षक दीपांकर त्रिवेदी ने बताया कि कंपनी ने जमीन का कब्जा लेने के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। उन्होंने कहा,”हमने लगभग50 लोगों को हिरासत में लिया है और बाडी गांव के निकट प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।”

एक स्थानीय किसान नेता नरेन्द्र सिंह गोहिल ने दावा किया कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पुलिस ने महिलाओं और बच्चों समेत प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की और इस दौरान कम से कम पांच लोग घायल हो गये। उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गए 50 प्रदर्शनकारियों में कम से कम 10 महिलाएं हैं।

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