गुजरात दौरा : मेघ माया मंदिर में दर्शन के बाद राहुल ने देखा ‘रानी की वाव‘


rahul gandhi

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में अपने चुनावी दौरे में मंदिरों के दर्शन का सिलसिला आज यहां दलित समुदाय के एक प्रमुख मंदिर जाकर जारी रखा और अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकाल कर यहां स्थित ऐतिहासिक रानी की वाव (सीढी वाला कुंआ) का भी दौरा किया।

अपनी बेजोड स्थापत्य कला के लिए मशहूर रानी की वाव यानी सीढ़ वाले कुएं के बारे में माना जाता है कि इसे चालुक्य वंश के शासक भीमदेव एक की याद में उनकी प्रिय रानी उदयमती ने 11 वीं सदी में महा गुर्जर स्थापत्य शैली में बनवाया था। सरस्वती नदी के किनारे स्थित इस वाव में सीढियों के सात स्तर थे। यह नदी में बाढ के चलते मिट्टी के नीचे दब गया था और 80 के दशक में खुदाई के दौरान इसका पता चला।

राहुल ने सुबह यहां वीर मेघमाया मंदिर में दर्शन किया। यह दलितों का एक प्रमुख मंदिर है। इसके बाद वह बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के रानी की वाव देखने पहुंच गये। वहां उनके आने की खबर सुन कर बड़ी संख्या में लोग जुट गये। बाद में उन्होंने दलितों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में शिरकत की।

आज उनकी नवसर्जन गुजरात यात्रा के तीन दिवसीय चौथे चरण का अंतिम दिन है। इसका समापन शाम को पाटीदारों का गढ कहे जाने वाले विसनगर, जहां से पाटीदार आरक्षण आंदोलन की चिंगारी 2015 में उठी थी, में होगा। राहुल गांधी आज शंखेश्वर, बहुचराजी और अन्य मंदिरों में भी जायेंगे।