अहमदाबाद में निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, अमित शाह भी हुए शामिल


नई दिल्ली : अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर से आज 140वीं रथ यात्रा निकली। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलराम के साथ भगवान नगरयात्रा पर निकले। रथ यात्रा की शुरुआत के पहले सुबह 4 बजे मंगला आरती से हुई और आरती के बाद खास खिचड़ी का भोग भगवान को चढ़ाया गया। भगवान की मंगला आरती में हज़ारो की संख्या में लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह 7 बजे रथ यात्रा शुरु होगी जो करीब 13 किलोमीटर घूमकर देर शाम वापस मंदिर लौटेगी।

इस आरती में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहे। अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में सबसे ज्यादा 14 बार पहिंदविधि करने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री मोदी के नाम है।

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आरती के बाद भगवान को रथ में बैठाया जाता है, जहां गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने विधि यानी भगवान के रथ में सोने के झाड़ू से झाड़ू लगाकर रथ को खुद खींच कर भगवान की इस रथयात्रा को शुरू किया।

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अहमदाबाद की भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि जिस तरह जगन्नाथ पुरी में रथ यात्रा निकलती है, उस तरह यहां पर भी निकाली जाती है। हालांकि अहमदाबाद में भगवान के रथ 13 कि.मी की रथयात्रा कर शाम को ही मंदिर में वापस आ जाते है।

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करीब 3 किमी. लंबी यात्रा की शुरुआत सबसे पहले गजराज से होती है, करीब 17 सजे हुए गजराज यात्रा में सबसे आगे रहते हैं। जिसके बाद करीब 3 किमी. तक कई प्रकार की झांकियां निकाली जाती हैं। वहीं इस दौरान 17 भजन मंडली भी भगवान के रथ के साथ रहती हैं। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए प्रसाद के भी खास इंतजाम रहता हैं। क़रीबन 100 किलो खिचड़ी के प्रसाद के साथ-साथ 600 किलो मुंग, ककड़ी और जाबुन का प्रसाद रहता है।

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इस यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए भी कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया जाता है। CRPF, एसआरपी और आरएएफ़ की टीम के साथ-साथ गुजरात पुलिस के करीबन19 हज़ार से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते है। वहीं रथ यात्रा के 13 किमी. लंबे रुट पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से भी नज़र रखी जाती है। वहीं NSG को भी रिजर्व में रखा जाता है।

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आपको बता दें कि रथ यात्रा मुस्लिम इलाकों से भी निकलती है, इसलिए पुलिस ने इसके लिए कई बार शांति बैठकें भी की थी।