सत्ता पक्ष गुजरात पर चर्चा को तैयार, विपक्ष हंगामे पर उतारू


नयी दिल्ली : गुजरात में कांग्रेस ने उसके विधायकों की खरीद-फरोख्त और कथित’अपरहरण’ का मुद्दा आज फिर राज्यसभा में उठाया और इसके चलते हुए हंगामे के कारण शून्यकाल में सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी के विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है। सदन में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने कहा कि गुजरात में शासन तंत्र का दुरूपयोग किया जा रहा है।

कांग्रेस विधायकों के परिवारों को डराया धमकाया जा रहा है। इसी बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि गुजरात के लोग भीषण बाढ से परेशान हैं और कांग्रेस के विधायक बेंगलुरू में एक रिजार्ट में मौज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे तो सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है लेकिन शोर शराबा कर सदन का समय बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।

उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि पिछले सप्ताह भी कांग्रेस की ओर से यह मामला उठाया गया था और विपक्ष के नेता ने विस्तार से अपनी बात रखी थी। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन में काम काज भी नहीं हो सका था। उन्होंने कहा कि आज सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा की सहमति भी दे दी है ऐसे में विपक्ष को हंगामे का रास्ता छोड़कर चर्चा के लिए नोटिस देना चाहिए।

कांग्रेस के सदस्य उनकी अपील को अनसुना कर आसन के निकट आकर नारेबाजी करने लगे जिसका सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा प्रतिवाद किया और वे भी जवाबी नारेबाजी करने लगे। श्री कुरियन ने सदस्यों से शांत होकर शून्यकाल चलने देने की अपील की लेकिन इसका असर न होते देख उन्होंने 11 बजकर 30 मिनट पर सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।