विधानसभा चुनाव में प्रशांत की भूमिका को लेकर आला नेताओं में मतभेद


अहमदाबाद : राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सलाहकार के तौर पर रखने को लेकर पार्टी के दो दिग्गज नेताओं में ही कथित तौर पर ठन गई है।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, पूर्व केंद्रीय कपडा मंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने पत्रकारों से बातचीत में श्री किशोर को पार्टी का चुनावी सलाहकार बनाने का एक बार फिर समर्थन किया जबकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भारत सिंह सोलंकी ने पार्टी के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के कार्यक्रम के दौरान श्री किशोर को गैरजरूरी बताया था।

श्री वाघेला ने कहा कि प्रशांत किशोर एक सलाहकार के तौर पर निष्पक्ष जमीनी रिपोर्ट दे सकते है जबकि पार्टी नेताओं से पूरी तरह निष्पक्ष रिपोर्ट की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने हालांकि कहा कि श्री किशोर की सेवा लेने अथवा नहीं लेने का निर्णय आलाकमान को ही करना है। उधर श्री सोलंकी ने कहा था कि श्री किशोर की पार्टी को जरूरत नहीं है। इसके कार्यकर्ता उनसे अधिक समझ रखते हैं। सूचना है कि पिछले लोकसभा चुनाव में श्री मोदी तथा भाजपा के रणनीतिकारों में शुमार रहे श्री किशोर ने बाद में भाजपा से नाता तोड लिया था। बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा विरोधी गठबंधन की जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है जबकि पंजाब में भी कांग्रेस के वह सलाहकार थे। हालांकि उत्तर प्रदेश में उनकी सलाह के बावजूद कांग्रेस सपा गठबंधन की करारी हार को लेकर उन पर सवाल भी उठे थे।

– वार्ता