5 करोड़ के पुराने नोटों की खेप पकड़ी


गुरुग्राम: अभी पुराने नोटों के मिलने का सिलसिला थमा नहीं है। समय-समय पर गुरुग्राम में धनकुबेरों के पास पड़ा खजाना पकड़ा ही जा रहा है। गुरुग्राम पुलिस की क्राइम टीम ने आज गुरुवार को पुराने एक हजार और 500 के पुराने नोटों की 5 करोड़ बड़ी खेप पकडऩे में सफलता हांसिल की है। पुलिस ने जब छापामारी की तो इन नोटों की बड़ी डील होने वाली थी और इस धन को नई करेंसी में बदला जाना था। पुलिस ने डील होने से पहले छापा मारकर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच करोड़ रुपये अपने कब्जे में ले लिया हैं। पुलिस ने इस मामले की जानकारी आयकर विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी दे दी है।

मुखबिर की सूचना पर की छापेमारी
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इंचार्ज क्राइम टीम इंस्पेक्टर सज्जन सिंह पालम विहार को मुखबिर ने सूचना दी कि सेक्टर-15 क्षेत्र में भारी मात्रा में पुराने 1000 और 500 नोटों की करेंसी रखी हुई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सूचना देने वाले मुखबिर ने बताया कि आज इन नोटों की बहुत बड़ी डील होने वाली है। अगर समय रहते रेड मारी जाएगी तो बहुत बड़ा रैकेट पकड़ा जा सकता है जो पुराने नोटों को ठिकाने लगाकर नई करेंसी में बदलवा देता है।

डील करते वक्त ही आरोपियों को किया काबू
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही क्राइम इंसपेक्टर सज्जन सिंह ने अलग-अलग टीमों का गठन किया और बताए गए स्थान को घेर लिया। पुलिस ने बारीकी से जांच करते बताए गए स्थान पर पुलिस टीम ने धावा बोल दिया। अचानक पुलिस को देख अवैध धन की डील करने वालों में हड़कंप मच गया और भागने की कोशश करने लगे। लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए सभी लोगों को घेर लिया। पुलिस ने डील करते वक्त ही आरोपियों को अपने काबू में कर लिया।

मामले की गहनता से की जा रही है जांच
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से इतने पैसों के बारे में पूछा तो वे कोई सटीक जानकारी नहीं दे पाए। पुलिस पूछताछ में चार आरोपियों की पहचान राजीव, सतीश, संदीप, राजेश निवासी दिल्ली के रूप में हुई। इसके अलावा तीन आरोपियों की पहचान दिनेश निवासी नैनीताल, अमित निवासी गुरुग्राम और प्रवीन निवासी रोहतक के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के क़ब्ज़ा से भारी मात्रा में कऱीब 5 करोड़ रुपये बरामद किए हैं। पुलिस ने आयकर विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी सूचित कर दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

– सतबीर भारद्वाज