‘आप’ करेगी वित्तमंत्री का घेराव


गुरुग्राम (सतबीर ,अरोड़ा) : आम आदमी पार्टी प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के किसानों की हालत दयनीय है और किसान कर्जे में डूबा हुआ है। विधायकों और सांसदों को 2.3 लाख रूपये प्रति माह की वेतन के साथ साथ अन्य बहुत सारी सुविधाएं व पेंशन भी दी जाती है। रेल, हवाई जहाज की यात्राएं मुफ्त करने की सुविधाएं दी जाती है लेकिन नंबरदारों, सरपंचों को ग्रांट के पैसे खर्च करने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है।

इसी के विरोध में आम आदमी पार्टी 8 जुलाई को रोहतक में वित्तमंत्री के घर का घेराव करेगी। यह जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष सूर्य देव नखरौला ने कहा कि इस दौरान गुरुग्राम की टीम इसमें बढ़चढ़ कर भाग लेगी। जिला अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सरपंचों को बंधुवा मजदूर बना रखा है, सरपंचों को गांव के विकास के लिए ग्रांट देने की बजाए सरपंचों की ट्रेनिंग कराई जा रही है, जिसका कोई औचित्य नही है।

ग्रांट के अभाव में गाँव के विकास के सभी कार्य अधूरे अटके पड़े हैं। जिला अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार हर गाँव को विकास कार्य करवाने के लिए प्रति वर्ष 2 करोड़ रुपए देती है। उसी तर्ज पर हरियाणा में भी हर गाँव को प्रति वर्ष 2 करोड़ मिलने चाहिए। आम आदमी पार्टी हरियाणा के मुख्य प्रवक्ता आरएस राठी ने कहा कि एक तरफ जहां विधायकों और सांसदों को 2-3 लाख प्रति माह की तनख्वाह मिलती है, पेंशन मिलती है, फ्री की हवाई यात्रायें, फ्री का तेल मिलता है वही दूसरी और पंच/सरपंच को नाम मात्र तनख्वाह दी जाती है।

न ही तो उन्हें पेंशन दी जाती है और न ही उन्हें अन्य कोई सुविधा दी जाती है। आम आदमी पार्टी पिछले 1 महीने से मेरा गाँव मेरा देश मुहिम चला रखी है जिसके तहत पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गाँव गाँव जाकर पंच/सरपंचों से मुलाकात की और उन्हें अपनी मुहिम से जोड़ा और सभी पंचो और सरपंचों से 8 जुलाई को होने वाले वितमंत्री के घर का घेराव में आने का आवाहन किया। प्रदेश सरकार से सभी वर्ग दुखी:जिला अध्यक्ष ने बताया कि आज प्रदेश में किसानों की हालत बहुत दयनीय है, प्रदेश का किसान कर्जे में डूबा हुआ है।

जहाँ एक तरफ आस-पास के सभी प्रदेश किसानों के ऋण माफ कर रही है दूसरी तरफ हरियाणा सरकार चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदेश में कुछ वर्ष पहले स्वामीनाथ आयोग को लागू कराने के लिये ढिंढोरा पीटने वाले लोग आज सत्ता में आने के बाद स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट पर बात करने को भी तैयार नही है। प्रदेश का हर वर्ग सरकार की जान विरोधी नीतियों से ना खुश है चाहे वो व्यापारी वर्ग हो, चाहे मजदूर वर्ग हो, चाहे दलित वर्ग हो हरियाणा प्रदेश में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।