सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जाएगा जनता की अदालत में


करनाल: सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जनसेवा के विभागों व रोजगार बचाने के लिए जनता की अदालत में जायेगा । जिसके तहत गांवो, कस्बो व शहरो मे जन सभाएं आयोजित करते हुए किसान, मजदूर व कर्मचारियों की व्याप्त एकता का निर्माण करते हुए सरकार की वादाखिलाफी व जन सेवाओं के विभागों मे लागू की जा रही आऊटसोर्सिंग व निजीकरण की नीतियों का जबाव दिया जाएगा। आन्दोलन का यह ऐलान दो दिवसीय सामूहिक पड़ाव के समापन पर बोलते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर सिंह ने किया । उन्होने कहा कि जनवरी, 2006 से लागू नेशनल पैंशन स्कीम को रद्द करवाने, पार्ट टाइम, डीसी रेट अनुबंध पर लगे कर्मचारियों को पक्का करवाने व समान काम के लिए समान वेतन देने आदि की मांग को लेकर अगस्त माह में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन और सितम्बर व अक्तूबर मे जिला एंव खंड स्तरीय सम्मेलन किये जायेंगे और नवम्बर माह मे राज्य स्तर पर प्रदर्शन किया जायेगा । सामूहिक पड़ाव मे सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव मे अखिल भारतीय किसान सभा के 3 से 7 अक्तूबर तक हिसार मे होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन व इस अवसर पर 3 अक्तूबर को होने वाली किसान रैली का तन मन धन से सहयोग एवं समर्थन करने का ऐलान किया गया । एक अन्य प्रस्ताव में निदेशक, महिला एंव बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धरने-प्रदर्शन पर रोक लगाने व पीओ करनाल द्वारा इस बाबत दर्जनों कार्यकर्ताओं को बर्खास्तगी करने के नोटिस देने की निन्दा करते हुए अलोकतांत्रिक पत्र व नोटिस को वापस लेने की मांग की ।

इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के महासचिव फूल सिंह श्योकंद, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, मुख्य संगठनकर्ता बीरेन्द्र डंगवाल, उप महासचिव जीवन सिंह, प्रेस प्रवक्ता इन्द्र सिंह बधाना, उप प्रधान एंव कामकाजी महिला सब कमेटी की संयोजक सबिता, आडीटर सतीश सेठी, बिजली यूनियन के महासचिव नरेश कुमार, उपाध्यक्ष एन पी सिंह चौहान, जिला प्रधान ओमप्रकाश सिंहमार, जिला सचिव कृष्ण शर्मा, सह-सचिव सुशील गुर्जर, मकैनिकल वर्कर यूनियन के महासचिव शीलक राम मलिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन के महासचिव दलेल सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव राजेन्द्र अहलावत व वाई पी गुप्ता, एमपीएचई एसोसिएशन की प्रधान लाजवंती बेवाल आदि ने संबोधित किया।

– आशुतोष गौतम