कटती चोटियां और बाल, पुलिस के लिए बनी चुनौतियां और सवाल


हथीन: राजस्थान के मारवाड से निकला महिलाओं की चोटी-बाल कटने की अफवाहों का जिन्न अब हरियाणा ही नहीं बल्कि दिल्ली तक पहुंच गया है। रहस्मयी परिस्थितियों में महिलाओं की कट रही चोटी व बाल की घटनाओं ने पुलिस व प्रशासन तथा बुद्धिजीवियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। न ही तो इन्हें नकारा जा सकता है और ना ही स्वीकारा जा सकता है। हथीन क्षेत्र में सर्वप्रथम घटना 26 जुलाई को रनियाला खुर्द उर्फ झांडा गांव में घटी थी। इसके बाद लगातार किसी न किसी गांव में ये घटनाएं घट रही है। स्थिति यह बनी हुई है कि सोमवार तक 14 चोटियां कटने के मामले प्रकाश में आए थे, तो वहीं अब इनकी संख्या 14 से बढकर 21 पहुंच गई है।

दिलचस्प बात तो यह है कि सोमवार देर सांय से मंगलवार सांय तक जो 7 महिलाओं की चोटी कटी हैं, उनमें से 3 की दिन दहाडे कटी हैं। विवरण अनुसार सोमवार की देर सांय गांव बहीन में ही हसीना पत्नी अतर सिंह की चोटी रहस्मयी परिस्थितियों में कट गई। इसके अलावा गांव खिल्लूका में सोमवार की रात्रि करीब साढे 8 बजे दो महिलाओं फाता और अस्सी की चोटी कट गई। खिल्लूका निवासी जानू ने बताया कि फाता बिस्तर निकालकर ला रही थी कि अचानक उसकी चोटी कट गई। उसने बताया कि गुल्लु की घरवाली अस्सी की भी रहस्मयी परिस्थितियों में चोटी कट गई। जानू के मुताबिक अस्सी की जब चोटी कटी थी तो उसे एक काला आदमी दिखाई दिया था। जोकि बाल काटकर स्कूल में कूद गया।

अस्सी ने शोर मचाया, लोगों की भीड इकठठी हो गई और स्कूल को चारों तरफ से घेर लिया, तलाशी ली तो स्कूल में आदमी तो नहीं बल्कि एक कुत्ता अवश्य मिला। इसके अलावा इसी गांव में राहिला सुबह करीब 7 बजे चोटी उस दौरान कट गई जब वह घर के पास बने टीन शैड में लकडी लेने गई थी। जानू ने बताया कि अचानक इस तरह चोटी कट जाने से गावं की महिलाओं में भय बन गया है। महिलाएं घर से बाहर निकलने से भी कतरा रही हैं। इसके अलावा गांव कोट में भी दिन दहाडे एक महिला की चोटी कट गई।

– माथुर